निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : रूस की राजधानी मॉस्को से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां देश की शक्तिशाली सैन्य खुफिया एजेंसी GRU के वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव पर जानलेवा हमला किया गया।
सरकारी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला शुक्रवार को उनके आवास के बाहर हुआ, जिसने रूस के सुरक्षा तंत्र और खुफिया गलियारों में हलचल मचा दी है।
घर के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मॉस्को के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में स्थित उनके अपार्टमेंट के बाहर एक अज्ञात हमलावर ने कई राउंड फायरिंग की।घटना के तुरंत बाद अलेक्सेयेव को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत अत्यंत गंभीर बताई है।फिलहाल हमलावर की पहचान नहीं हो सकी है और न ही किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
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सुरक्षा एजेंसियों की जांच तेज
घटना के बाद रूसी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं।इलाके की घेराबंदी कर सीसीटीवी फुटेज, संभावित संदिग्धों और हमले के मकसद की जांच की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतने उच्च-स्तरीय अधिकारी पर हमला रूस की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर संकेत हो सकता है।
कौन हैं व्लादिमीर अलेक्सेयेव?
लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी GRU में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर तैनात हैं।
उन्हें देश की निजी सैन्य कंपनियों (PMCs) की गतिविधियों की निगरानी करने वाला एक प्रमुख अधिकारी माना जाता है।
विशेष रूप से 2023 में वैगनर ग्रुप के विद्रोह के दौरान अलेक्सेयेव उन चुनिंदा वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल थे जिन्हें विद्रोहियों से बातचीत के लिए भेजा गया था। इस कारण वे रूस के सामरिक और राजनीतिक ढांचे में बेहद अहम भूमिका रखते हैं।
वैश्विक स्तर पर बढ़ी चिंता
इस हमले ने न केवल रूस बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
विश्लेषकों का मानना है कि घटना के पीछे आंतरिक सत्ता संघर्ष, बाहरी हस्तक्षेप या रणनीतिक प्रतिशोध जैसे कई संभावित कारण हो सकते हैं, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।













