रामकुमार भारद्वाज/कोण्डागांव। Kondagaon Felicitation: छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले में नवरात्रि, दुर्गा उत्सव और पारंपरिक दशहरा पर्व के अत्यंत सफल, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने पर जिला एवं पुलिस प्रशासन की कार्यशैली की चौतरफा सराहना हो रही है। इसी कड़ी में पर्वों के दौरान बेहतरीन कानून-व्यवस्था और चाक-चौबंद सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय समाज प्रमुखों ने आगे आकर जिला प्रशासन का आभार जताया। गत 05 नवंबर 2026 को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक विशेष और गरिमामयी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के मांझी, चालकी, गायता, पुजारी, मेम्बर एवं मेम्बरिन समाज के तमाम पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना और पुलिस अधीक्षक श्री पंकज चन्द्रा का शॉल-श्रीफल व पुष्पगुच्छ भेंटकर भव्य सम्मान किया।
इस विशेष सम्मान समारोह में वरिष्ठ समाज प्रमुख रामलाल कोर्राम, मांझी, चालकी, गायता एवं पुजारी समाज के जिला अध्यक्ष केजूराम नेताम, मेम्बरिन श्रीमती प्रेमबती मरावी तथा मां दंतेश्वरी मंदिर बड़े डोंगर के प्रधान पुजारी देवेन्द्रनाथ राणा सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रमुख लोग उपस्थित रहे। इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए समाज प्रमुखों ने एक स्वर में कहा कि नवरात्रि और दशहरा पर्व के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा जिस संवेदनशीलता और व्यापकता के साथ सुरक्षा इंतजाम किए गए, वह वास्तव में सराहनीय है। प्रशासन की इस सक्रियता और मुस्तैदी के परिणाम स्वरूप ही जिले के सभी धार्मिक, पारंपरिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के अत्यंत शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हुए।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक द्वारा महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गठित किए गए विशेष ‘दीदी स्क्वाड’ की खासतौर पर प्रशंसा की। महिलाओं ने कहा कि दीदी स्क्वाड की सक्रियता और पुलिस द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियानों से शहर में महिलाओं और बालिकाओं के लिए बेहद सुरक्षित वातावरण बना रहा, जिसके लिए उन्होंने पुलिस प्रशासन को विशेष रूप से बधाई दी।
समाज के सम्मानित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना और पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा ने कहा कि जिले में किसी भी बड़े पर्व, त्योहार या सामाजिक आयोजन को शांतिपूर्ण एवं भाईचारे के साथ संपन्न कराने में प्रशासन के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों का आपसी सहयोग और समन्वय ही सबसे बड़ी ताकत होता है। अधिकारियों ने सभी समाज प्रमुखों से भविष्य में भी इसी प्रकार आपसी सहभागिता और सकारात्मक सहयोग बनाए रखने का आह्वान किया ताकि क्षेत्र में शांति और सद्भाव की परंपरा निरंतर कायम रहे।
