भोपाल : रायसेन के गौहरगंज में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई हैवानियत के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी सलमान, जो 21 नवंबर से फरार चल रहा था और जिस पर 30,000 रुपये का इनाम घोषित था, को भोपाल के गांधी नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी भागने का प्रयास कर रहा था, जिसके चलते पुलिस को जवाबी कार्रवाई करते हुए शॉर्ट एनकाउंटर करना पड़ा। इस घटना में सलमान पैर में घायल हुआ और उसका इलाज भोपाल के हमीदिया अस्पताल में चल रहा है।
गांधी नगर में दबोचा गया आरोपी
गांधी नगर पुलिस ने सलमान को वार्ड-11 स्थित एक चाय की दुकान से दबोचकर गौहरगंज पुलिस के हवाले किया। पूछताछ में सलमान ने खुलासा किया कि घटना के बाद वह जंगल के रास्तों से भोपाल पहुंचा था और किराए का मकान तलाश रहा था। आरोपी को गौहरगंज पुलिस आगे की कार्रवाई के लिए लेकर रवाना हुई।
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भोजपुर के पास शॉर्ट एनकाउंटर
आरोपी को गौहरगंज ले जाते समय पुलिस की गाड़ी भोजपुर के पास कीरत नगर में पंचर हो गई। इस मौके का फायदा उठाते हुए सलमान ने पुलिसकर्मी की बंदूक छीनकर भागने का प्रयास किया और पुलिस पर फायर किया। पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाकर आरोपी को पैर में घायल किया।
आरोपी सलमान पिछले 6 दिन से फरार
23 वर्षीय सलमान पिछले 6 दिनों से पुलिस को चकमा दे रहा था। घटना के बाद वह जंगल के रास्तों से लगातार भोपाल तक पहुंचता रहा। उसकी गिरफ्तारी की खबर फैलते ही स्थानीय हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता थाने पहुंचे, लेकिन माहौल बिगड़ने से पहले पुलिस ने आरोपी को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर कार्रवाई सुनिश्चित की।
मासूम बच्ची की स्थिति और मामले की गंभीरता
आरोपी सलमान ने 21 नवंबर को चॉकलेट का बहाना बनाकर मासूम बच्ची को जंगल में ले जाकर हवस का शिकार बनाया। बच्ची गंभीर हालत में एम्स भोपाल में भर्ती कराई गई थी, जहां सर्जरी के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ है। इस जघन्य अपराध के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और लगातार प्रदर्शन जारी रहे।
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पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तत्कालीन रायसेन एसपी पंकज कुमार पांडे को हटाकर नई कमान अशुतोष गुप्ता को सौंपी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और शॉर्ट एनकाउंटर ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले में जनता की नाराजगी को नियंत्रित करने में मदद की।









