Goa nightclub accident : नई दिल्ली/पणजी। गोवा के अर्पोरा क्षेत्र में स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में 6 दिसंबर को लगी भीषण आग और उसमें 25 लोगों की मौत के बहुचर्चित मामले में, क्लब के सह-मालिक अजय गुप्ता को दिल्ली में हिरासत में ले लिया गया है। दिल्ली क्राइम ब्रांच के एंटी-एक्सटॉर्शन और किडनैपिंग सेल द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद गुप्ता ने पत्रकारों से कहा कि वह “सिर्फ पार्टनर” हैं। आग लगने की घटना के बाद से ही अजय गुप्ता जांच से बच रहे थे, जिसके कारण उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था।
सूत्रों के अनुसार, अजय गुप्ता को क्राइम ब्रांच के सनलाइट कॉलोनी ऑफिस लाया गया, जहाँ गोवा पुलिस ने उनसे पूछताछ की। इसके बाद उन्हें मेडिकल टेस्ट के लिए एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया और बाद में ट्रांजिट रिमांड के लिए साकेत कोर्ट भेजा जाएगा। गोवा पुलिस अब गुप्ता की हिरासत और ट्रांजिट रिमांड लेने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर रही है। सूत्रों का कहना है कि ट्रांजिट रिमांड की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनकी गिरफ्तारी संभव है।
Goa nightclub accident : यह खुलासा हुआ है कि आग लगने की घटना के बाद से ही गुप्ता जांचकर्ताओं से बचते फिर रहे थे। दिल्ली में पहली तलाशी के दौरान न मिलने पर उनके खिलाफ LOC जारी किया गया। बाद में, वह लाजपत नगर के एक निजी अस्पताल में रीढ़ की समस्या बताकर भर्ती हुए थे। मेडिकल क्लियरेंस मिलने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। गोवा में गुप्ता से क्लब के प्रबंधन, दैनिक संचालन, जिम्मेदारियों और फायर-सेफ्टी कंप्लायंस को लेकर विस्तार से पूछताछ की जाएगी।
इस मामले में क्लब के पांच स्टाफ सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें मुख्य महाप्रबंधक राजीव मोडक, जनरल मैनेजर विवेक सिंह, बार मैनेजर राजीव सिंघानिया, गेट मैनेजर रियांशु ठाकुर और कर्मचारी भारत कोहली शामिल हैं। हालांकि, क्लब के दो अन्य मालिक गौरव लुथरा और सौरभ लुथरा घटना के तुरंत बाद भारत छोड़कर चले गए। उनके खिलाफ इंटरपोल ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है, और उनकी तलाश जारी है।
Goa nightclub accident : इस हाई-प्रोफाइल मामले ने गोवा के क्लबों में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी पहले ही कह चुके हैं कि भगोड़ों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और सुरक्षा नियम सख्त किए जाएंगे। अजय गुप्ता की हिरासत और पूछताछ, इस भीषण अग्निकांड के पीछे की लापरवाही और अवैध गतिविधियों के नेटवर्क को उजागर करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।










