Gharghoda Strike : गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा (रायगढ़)। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत घरघोड़ा तहसील में ऐतिहासिक हड़ताल शुरू हो गई है। अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर 29, 30 और 31 दिसंबर तक चलने वाले इस आंदोलन के पहले ही दिन सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा और तालाबंदी जैसी स्थिति बनी रही। शासन द्वारा मांगों पर ध्यान न दिए जाने के कारण कर्मचारियों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।
प्रमुख मांगें: केंद्र के समान डीए और वेतन विसंगति पर जोर
छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ (रायगढ़) के जिला अध्यक्ष व फेडरेशन के संयोजक संतोष पाण्डेय ने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी जायज मांगों के लिए ज्ञापन सौंप रहे थे, लेकिन निराकरण न होने पर उन्हें हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ा। आंदोलन की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
- महंगाई भत्ता (DA): केंद्र के समान देय तिथि से डीए और पेंशनरों को भी इसका लाभ।
- वेतन विसंगति: लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग के संवर्गों की वेतन विसंगति दूर करने हेतु ‘पिंगुआ कमेटी’ की रिपोर्ट सार्वजनिक करना।
- वेतनमान: सभी कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान और सहायक शिक्षकों व पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान प्रदान करना।
- नियमितीकरण: दैनिक वेतनभोगी, अनियमित और संविदा कर्मचारियों को नियमित करना तथा पंचायत सचिवों का शासकीयकरण।
- अन्य सुविधाएं: कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करना, अर्जित अवकाश का नगदीकरण 300 दिन करना, अनुकंपा नियुक्ति में 10% की सीलिंग हटाना और सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करना।
तहसील कार्यालय में प्रदर्शन, ज्ञापन लेने वाला कोई नहीं मिला
हड़ताल के पहले दिन सभी विभागों के कर्मचारी ‘कर्मचारी भवन’ में एकत्रित हुए, जहां से वे रैली के रूप में तहसील कार्यालय पहुंचे। आंदोलन की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार्यालय में ज्ञापन लेने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिला। कर्मचारियों ने इसे अपनी एकता और आंदोलन की मजबूती का प्रतीक बताया है।
इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से अभिनव सिंह, संतोष पांडे, रोहित डनसेना, अश्वनी दर्शन, मंगलेश्वर महंत, आशीष शर्मा, बाबूलाल धृतलहरे, मनोज प्रधान, संजय पंडा, हरिश्चंद्र बेहरा, वरुण गुप्ता, विजय पंडा, अखिलेश मिश्रा, प्रियंक दुबे, मोहन चौहान, संजीव पटेल, प्रमोद गुप्ता, संजय पैंकरा, रोशन पंडा, गुलाब चौहान, लाल साय लकड़ा, अशोक महापात्री, पीला राम लहरे, नील कंठ गुप्ता, कमलेश पंडा, आकाश कुर्रे, शंभू पटनायक, ईश्वर विशी, विष्णु पैंकरा, लखन साहू और चंदू लाल चौहान सहित भारी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।











