Friday, August 21, 2026
Home Business Incentive Hike : हड़ताल की आहट से अलर्ट फूड डिलीवरी कंपनियां, स्विगी-जोमैटो...

Incentive Hike : हड़ताल की आहट से अलर्ट फूड डिलीवरी कंपनियां, स्विगी-जोमैटो ने बढ़ाया इंसेंटिव

SWIGGY ZOMATO
गिग वर्कर्स की हड़ताल का असर

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : नए साल के आखिरी दिनों में बढ़ती ऑर्डर डिमांड और देशव्यापी गिग वर्कर्स की हड़ताल के बीच फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी और ज़ोमैटो ने अपने डिलीवरी पार्टनर्स के लिए इंसेंटिव बढ़ाने का ऐलान किया है। कंपनियों का यह कदम 25 और 31 दिसंबर को प्रस्तावित हड़ताल के असर को कम करने और ऑपरेशन को सुचारू बनाए रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

गिग वर्कर यूनियनों ने सैलरी, काम की परिस्थितियों और सोशल सिक्योरिटी की मांग को लेकर विरोध तेज कर दिया है। वहीं दूसरी ओर, न्यू ईयर ईव पर रिकॉर्ड ऑर्डर आने की संभावना को देखते हुए प्लेटफॉर्म्स डिलीवरी कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना चाहते हैं।

ज़ोमैटो ने कितना बढ़ाया इंसेंटिव?

कर्मचारियों को भेजे गए इंटरनल मैसेज के मुताबिक, ज़ोमैटो ने पीक आवर यानी शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक प्रति ऑर्डर 120 से 150 रुपये देने की पेशकश की है।इसके अलावा, ऑर्डर की संख्या और उपलब्धता के आधार पर एक दिन में 3,000 रुपये तक की कमाई का दावा भी किया गया है।डिलीवरी पार्टनर्स को राहत देते हुए कंपनी ने ऑर्डर रिजेक्ट या कैंसिल करने पर लगने वाले जुर्माने को अस्थायी रूप से माफ कर दिया है।

Read More : Katni Road Accident : कटनी में मौत का ‘डबल अटैक’: चंद सेकंड के भीतर हुए दो भीषण हादसे, ट्रक ने बाइक सवार को रौंदा, कार के उड़े परखच्चे

स्विगी का बड़ा ऑफर

स्विगी ने भी साल के अंत को देखते हुए इंसेंटिव स्ट्रक्चर में इजाफा किया है। प्लेटफॉर्म के अनुसार, 31 दिसंबर से 1 जनवरी के बीच डिलीवरी पार्टनर्स 10,000 रुपये तक कमा सकते हैं
न्यू ईयर ईव पर पीक आवर में 2,000 रुपये तक की कमाई का प्रचार किया जा रहा है, ताकि सबसे व्यस्त समय में अधिक से अधिक राइडर्स ऑनलाइन रहें।

जेप्टो ने भी बढ़ाई प्रोत्साहन राशि

उद्योग सूत्रों के मुताबिक, क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जेप्टो ने भी डिलीवरी कर्मचारियों के लिए इंसेंटिव बढ़ाया है। हालांकि, अब तक किसी भी प्लेटफॉर्म ने इस पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

क्यों बढ़ाया गया इंसेंटिव?

25 दिसंबर की हड़ताल के दौरान फूड डिलीवरी सेवाओं में आंशिक बाधा देखी गई थी। इसके बाद कंपनियों ने न्यू ईयर के दौरान संभावित व्यवधान से बचने के लिए यह कदम उठाया है।
लेबर यूनियनों का दावा है कि 31 दिसंबर को आंदोलन और तेज होगा, जिससे प्लेटफॉर्म्स पर दबाव और बढ़ सकता है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here