Thursday, August 20, 2026
Home Madhya Pradesh Fertilizer Shortage 2026 : करहिया मंडी में खाद के लिए हाहाकार: व्यवस्थाएं...

Fertilizer Shortage 2026 : करहिया मंडी में खाद के लिए हाहाकार: व्यवस्थाएं ध्वस्त होने से किसानों में खूनी झड़प; प्रशासन पर ‘बंदरबांट’ का गंभीर आरोप

Fertilizer Shortage 2026 : रीवा : खाद के लिए पूरे जिले में मचे हाहाकार के बीच आज सुबह करहिया मंडी परिसर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। भीषण ठंड में सुबह 3 बजे से लाइन में लगे किसानों का सब्र तब जवाब दे गया, जब अव्यवस्थाओं के चलते आपस में ही उनकी झड़प हो गई। हजारों की भीड़ को संभालने में मुट्ठी भर पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए। किसानों ने आरोप लगाया है कि प्रशासनिक अधिकारी केवल टोकन बांटकर गायब हो जाते हैं और पीछे से कर्मचारी अपनी मर्जी से खाद की बंदरबांट कर रहे हैं।

सर्दी का सितम और बुनियादी सुविधाओं का अभाव मंडी परिसर में मौजूद किसानों का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने बताया कि वे कड़कड़ाती ठंड में रात 3 बजे से कतारबद्ध हैं, लेकिन प्रशासन ने न तो अलाव की व्यवस्था की है और न ही शौचालय की। किसानों को मजबूरन लाइन छोड़कर दूर जाना पड़ता है, और जब वे वापस लौटते हैं, तो लाइन में पीछे खड़े लोग उन्हें घुसने नहीं देते, जिससे विवाद और हाथापाई की स्थिति बन रही है। आज भी लगभग 40 मिनट तक परिसर में भारी हंगामा और धक्का-मुक्की चलती रही।

कंप्यूटर की पर्ची और हाथों का ‘खेल’ किसानों ने व्यवस्था पर सबसे बड़ा सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि ऑफिस में बैठे ऑपरेटर कंप्यूटर से पर्ची निकालने के बाद उस पर हाथों से लिखकर खाद की मात्रा तय कर रहे हैं। किसानों का सवाल है कि जब नियम 5 बोरी का है, तो कंप्यूटर पर्ची पर मात्रा प्रिंट क्यों नहीं हो रही? आरोप है कि अधिकारी अपनी मिलीभगत से खाद बचा रहे हैं और किसानों को एक-दो बोरी थमाकर उन्हें दोबारा लाइन में लगने को मजबूर किया जा रहा है।

अधिकारियों की बेरुखी से नाराजगी किसानों का कहना है कि मौके पर कोई जिम्मेदार बड़ा अधिकारी मौजूद नहीं रहता। टोकन वितरण के बाद कर्मचारी अपनी मनमर्जी पर उतर आते हैं। यदि समय रहते खाद के वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं की गई और मंडी में बुनियादी सुविधाएं नहीं दी गईं, तो किसान उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here