fake uniform arrested : गौरी शंकर गुप्ता/जशपुर। नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक शातिर जालसाज को जशपुर पुलिस ने बिलासपुर से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी पुन्नी लाल अनंत खुद को छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) का जवान बताकर पुलिस की वर्दी पहनकर घूमता था और कलेक्ट्रेट में ऊंची पहुंच का हवाला देकर बेरोजगारों को अपना शिकार बनाता था। आरोपी ने दो महिलाओं को मत्स्य विभाग और डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठ लिए थे।
fake uniform arrested : कलेक्ट्रेट परिसर में वर्दी पहनकर फैलाया जाल पुलिस के अनुसार, आरोपी पुन्नी लाल अनंत (27 वर्ष) जशपुर में किराए के मकान में रहता था। वह अक्सर कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस की वर्दी पहनकर घूमता था ताकि लोगों पर प्रभाव जमा सके। इसी दौरान झरगांव निवासी प्रार्थिया सीमा बाई उसके संपर्क में आई। आरोपी ने खुद को रसूखदार बताते हुए मत्स्य विभाग में नौकरी लगवाने का सौदा किया। उसने प्रार्थिया से 4 लाख रुपये की मांग की, जिसमें से 2 लाख रुपये एडवांस के तौर पर ले लिए।
fake uniform arrested : भतीजी को नौकरी दिलाने के नाम पर मांगे 3 लाख ठगी की हद यहीं खत्म नहीं हुई, आरोपी ने प्रार्थिया की भतीजी को भी डाटा एंट्री ऑपरेटर बनाने का लालच दिया। उसने युवती के मूल दस्तावेज जैसे अंकसूची, जाति प्रमाण पत्र और आधार कार्ड अपने पास रख लिए और 3 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की। जब प्रार्थिया को संदेह हुआ और उसने पड़ताल की, तो पता चला कि पुन्नी लाल कोई पुलिसवाला नहीं बल्कि एक ठग है। इसके बाद मामले की रिपोर्ट सिटी कोतवाली जशपुर में दर्ज कराई गई।
fake uniform arrested : बिलासपुर में घेराबंदी कर पकड़ा गया आरोपी रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से ही आरोपी फरार था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी सेल और मुखबिरों की सूचना पर पुलिस ने बिलासपुर जिले के कोटा थाना अंतर्गत ग्राम टाडा दर्रीकापा में दबिश दी। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को उसके घर से हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।
fake uniform arrested : जेल भेजा गया फर्जी सिपाही पुलिस ने आरोपी के पास से महिलाओं के जब्त किए गए शैक्षणिक दस्तावेज और अन्य पहचान पत्र बरामद कर लिए हैं। आरोपी के विरुद्ध बीएनएस (BNS) की धारा 318(2) और 318(4) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी मोरध्वज देशमुख, एएसआई मनोज भगत और आरक्षक विनोद तिर्की की मुख्य भूमिका रही। एसएसपी ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के झांसे में आकर नौकरी के नाम पर लेनदेन न करें।











