Fake Doctor Mandwa Nepanagar : बुरहानपुर/नेपानगर (19 फरवरी 2026): मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के नेपानगर तहसील अंतर्गत मांडवा ग्राम पंचायत से स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। यहाँ एक कथित झोलाछाप डॉक्टर नियमों को ताक पर रखकर न केवल मरीजों का इलाज कर रहा है, बल्कि उनकी जान के साथ भी खिलवाड़ कर रहा है। खुद को इलेक्ट्रो होम्योपैथी का जानकार बताने वाला यह व्यक्ति खुलेआम एलोपैथी इंजेक्शन लगा रहा है और सलाइन चढ़ा रहा है।
“गांव में सब करना पड़ता है”: डॉक्टर की दलील
ग्रामीणों की शिकायतों के अनुसार, यह कथित डॉक्टर मुकेश ल्हासे अपनी पंजीकृत पद्धति (इलेक्ट्रो होम्योपैथी) को छोड़कर उन दवाओं और इंजेक्शन का उपयोग कर रहा है, जिसके लिए उसके पास कोई वैध डिग्री या अनुमति नहीं है। जब इस संबंध में उससे सवाल किया गया, तो उसने बड़ी बेबाकी से कहा कि “गांव में सभी प्रकार के इलाज करने पड़ते हैं।” यह बयान सीधे तौर पर चिकित्सा नियमों और कानून को चुनौती देने जैसा है।
नियमों की सरेआम अवहेलना
नियमों के मुताबिक, किसी भी चिकित्सक को केवल उसी पद्धति में इलाज करने का अधिकार है जिसकी उसके पास डिग्री या मान्यता हो। मांडवा में हो रही यह अवैध प्रैक्टिस न केवल गैरकानूनी है, बल्कि अनपढ़ या गरीब ग्रामीणों के लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है।
एसडीएम ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
इस मामले की जानकारी मिलते ही नेपानगर एसडीएम भागीरथ वाखला ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी पंजीकृत पद्धति के बाहर जाकर इलाज कर रहा है, तो वह अवैध है। उन्होंने कहा, “प्रशासनिक टीम भेजकर इस मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी। यदि डॉक्टर दोषी पाया जाता है, तो उसके क्लिनिक को सील करने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।”
01: मुकेश ल्हासे, कथित डॉक्टर
“मैं इलेक्ट्रो होम्योपैथी से जुड़ा हूँ, लेकिन गांव की स्थिति के हिसाब से हमें प्राथमिक उपचार और एलोपैथी दवाएं भी देनी पड़ती हैं। यहां सुविधाएं कम हैं, इसलिए सब करना पड़ता है।”
02: भागीरथ वाखला, एसडीएम (नेपानगर)
“यह मामला संज्ञान में आया है। नियमों के उल्लंघन को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीम को मांडवा भेजकर क्लिनिक की जांच कराई जाएगी। ग्रामीणों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।”













