निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : अमेरिका में यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी न्याय विभाग (Department of Justice – DOJ) ने शुक्रवार, 18 दिसंबर को एपस्टीन केस से संबंधित कई फाइलें अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की थीं, लेकिन महज एक दिन बाद ही शनिवार को इन दस्तावेजों को आम जनता की पहुंच से हटा दिया गया। इसके बाद से अमेरिकी राजनीति और मीडिया में हलचल तेज हो गई है।
न्याय विभाग की वेबसाइट से 16 फाइल्स गायब
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, DOJ की वेबसाइट से कुल 16 फाइल्स हटा दी गई हैं। इनमें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ी तस्वीरें भी शामिल बताई जा रही हैं। इन फाइल्स को हटाने को लेकर अब तक न्याय विभाग की ओर से कोई आधिकारिक सफाई नहीं दी गई है, जिससे संदेह और गहरा गया है।
ट्रंप और मेलानिया की तस्वीरें भी शामिल
हटाई गई फाइल्स में डोनाल्ड ट्रंप, उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप, जेफरी एपस्टीन और उसकी सहयोगी गिस्लेन मैक्सवेल के साथ ली गई कुछ तस्वीरें बताई जा रही हैं। इसके अलावा, नग्न महिलाओं की कलाकृतियों, फर्नीचर और दराजों में रखी तस्वीरों के कोलाज भी इन फाइल्स का हिस्सा थे, जो अब वेबसाइट से गायब हैं।
डेमोक्रेटिक पार्टी का DOJ पर गंभीर आरोप
डेमोक्रेटिक पार्टी ने न्याय विभाग पर आरोप लगाया है कि उसने जानबूझकर एपस्टीन फाइलों से ट्रंप की एक तस्वीर हटाई है। बताया जा रहा है कि यह तस्वीर फाइल नंबर 468 में थी, जिसमें ट्रंप एक महिला के साथ आपत्तिजनक कपड़ों में नजर आ रहे थे। हाउस ओवरसाइट कमेटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सवाल उठाते हुए अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पॉम बॉन्डी से जवाब मांगा है। कमेटी ने कहा कि अमेरिकी जनता को सच्चाई जानने का हक है।
क्या है जेफरी एपस्टीन मामला
जेफरी एपस्टीन एक अमेरिकी अरबपति था, जिस पर नाबालिग लड़कियों की तस्करी और यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे थे। वह अपने प्राइवेट आइलैंड पर हाई-प्रोफाइल पार्टियां आयोजित करता था, जिनमें कई प्रभावशाली लोग शामिल होते थे। साल 2021 में उसे दोषी ठहराया गया और जेल भेजा गया, जहां संदिग्ध हालात में उसकी मौत हो गई। आधिकारिक तौर पर इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन आज भी इस पर सवाल उठते हैं।
एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट
इसी साल नवंबर में अमेरिकी कांग्रेस ने ‘एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट’ पास किया था। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन फाइलों को सार्वजनिक करने का आदेश दिया। हालांकि, अब फाइल्स के अचानक हटाए जाने से पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।











