Selling government assets : भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के चीफ जीतू पटवारी ने प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार पर सरकारी संपत्तियों को बेचने, कर्ज पर कर्ज लेने और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। पटवारी ने कहा कि सरकार कर्ज चुकाने के लिए कर्ज ले रही है और इस कर्ज का इस्तेमाल ‘अय्याशी’ पर कर रही है।
सरकारी संपत्तियां बेचीं, भावी पीढ़ी पर बोझ
सरकारी संपत्तियों को बेचने और किराए पर देने के मुद्दे पर बोलते हुए जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार ने 101 संपत्तियां ₹1,100 करोड़ में बेच दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मध्य प्रदेश के अलावा केरल और बॉम्बे (मुंबई) समेत अन्य राज्यों की संपत्तियां भी बेच रही है। पीसीसी चीफ ने चेतावनी दी कि सरकार की इस नीति का सीधा असर प्रदेश की भावी पीढ़ी पर आएगा, जिस पर कर्ज का भारी बोझ डाला जा रहा है।
Selling government assets : पटवारी ने वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रोजाना औसतन ₹165 करोड़ का कर्ज ले रहे हैं। इस कर्ज के पैसे से रोजाना ₹25 लाख का हेलीकॉप्टर चल रहा है, ₹3 करोड़ रोजाना विदेश यात्रा पर खर्च किए जा रहे हैं और आयोजनों पर ₹10 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि एक तरफ किसान खाद के लिए लाइन में खड़ा है और हार्ट अटैक से उसकी मौत हो रही है, वहीं यह सरकार कर्ज लेकर ‘अय्याशी’ कर रही है।
SIR पर लगाया ‘वोट चोरी’ का आरोप
हाल ही में चुनाव आयोग द्वारा SIR (मतदाता सूची शुद्धिकरण) की तारीख बढ़ाए जाने के मुद्दे पर भी जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया की समाप्ति के बाद मध्य प्रदेश के नागरिकों को इसका एहसास होगा। पटवारी ने दावा किया कि उनकी विधानसभा से 90 हजार नाम कम हो रहे हैं और यह सरकार चुनाव आयोग और प्रशासन के दम पर ‘वोट चोरी’ कर रही है। पटवारी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए कहा, “अमित शाह ने कहा था कि घुसपैठिए तय नहीं करेंगे कौन होगा देश का प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री। लेकिन अगर ‘वोट चोर’ यह बताएंगे, तो देश का संविधान खतरे में पड़ जाएगा।”
Selling government assets : भ्रष्टाचार पर गृह मंत्रालय को घेरा
ईओडब्ल्यू (EOW) और लोकायुक्त की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए जीतू पटवारी ने सरकार पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट स्पष्ट रूप से बता रही है कि गृह मंत्रालय सबसे ज्यादा भ्रष्ट है और इस विभाग के मंत्री (डॉ. नरोत्तम मिश्रा, यादि वर्तमान मंत्री) मोहन यादव हैं। पटवारी ने चुनौती देते हुए कहा, “मैं बार-बार कहता हूं, कोई मंत्री आकर यह बता दे कि मैं ईमानदार हूं, मैं उसका हिसाब लाकर दूंगा।” उन्होंने दावा किया कि किसी भी विभाग में बिना रिश्वत के काम नहीं होता।











