Dantewada News: विभागीय टीईटी परीक्षा कंप्यूटर आधारित कराने का विरोध, ऑफलाइन ओएमआर पद्धति से परीक्षा कराने की मांग

Sanjay Sahu
Dantewada News

Dantewada News: फकरे आलम खान/दंतेवाड़ा – बचेली: दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा दो आदेश जारी किए गए हैं। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी), जिसमें सेवारत शासकीय शिक्षक शामिल होंगे, तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल द्वारा सामान्य शिक्षक पात्रता परीक्षा के आयोजन की बात कही गई है।

स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से 21 अक्टूबर 2026 को लोक शिक्षण संचालनालय, रायपुर को निर्देशित किया गया है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पारित निर्णय के अनुसार कक्षा एक से आठ तक के ऐसे समस्त सेवारत शिक्षक, जिनकी सेवा अवधि पांच वर्ष से अधिक शेष है, उन्हें सेवा में बने रहने या पदोन्नति हेतु संबंधित स्तर की शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। विभागीय स्तर पर गैर-टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों के लिए प्रतिवर्ष न्यूनतम दो बार शिक्षक पात्रता परीक्षा तकनीकी सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से कंप्यूटर आधारित परीक्षा पद्धति द्वारा एक से अधिक पालियों में आयोजित करने की बात कही गई है।

शालेय शिक्षक संघ, जिला इकाई दंतेवाड़ा के जिलाध्यक्ष श्री संतोष कुमार मिश्र ने कहा कि अगस्त 2026 में छत्तीसगढ़ संघर्ष मोर्चा के बैनर तले नियमित शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से मुक्त रखने अथवा शासन द्वारा उचित समाधान निकालने की मांग को लेकर रैली निकालकर ज्ञापन सौंपा गया था। आंदोलन के परिणामस्वरूप शासन ने जो रास्ता निकाला है, संगठन उसका घोर विरोध करता है।
उन्होंने कहा कि एक ओर सामान्य शिक्षक पात्रता परीक्षा ओएमआर शीट के माध्यम से ऑफलाइन आयोजित की जाएगी, वहीं सेवारत गैर-टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों को उनके अध्यापन अनुभव एवं कार्यकुशलता को दरकिनार करते हुए कंप्यूटर आधारित परीक्षा पद्धति में परीक्षा देने के लिए बाध्य किया जा रहा है। यह उनके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किए जाने जैसा है।

कंप्यूटर आधारित परीक्षा से तकनीकी कठिनाइयों की आशंका

संगठन ने सेवारत शिक्षकों के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा है कि शिक्षकों को कंप्यूटर संचालन एवं ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली का पर्याप्त अभ्यास नहीं है। ऐसे में कंप्यूटर आधारित परीक्षा के दौरान उन्हें तकनीकी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उनकी वास्तविक शैक्षणिक योग्यता के निष्पक्ष मूल्यांकन पर असर पड़ने की आशंका है।

शासन से की गईं प्रमुख मांगें

संगठन के प्रांतीय पदाधिकारी श्री शैलेश कुमार सिंह, श्री प्रमोद भदौरिया एवं श्री कुलदीप सिंह चौहान ने शासन से मांग की है कि विभागीय परीक्षा में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए इसे ऑफलाइन माध्यम में ओएमआर पद्धति द्वारा सामान्य परीक्षा की तरह आयोजित किया जाए।

संगठन ने मांग की है कि लगभग साठ हजार गैर-टीईटी उत्तीर्ण सेवारत शिक्षकों के लिए कम से कम तीन संकुलों को मिलाकर एक परीक्षा केंद्र अथवा विकासखंड स्तर पर परीक्षा केंद्र बनाया जाए।

इसके साथ ही विभागीय परीक्षा की आवृत्ति वर्ष में दो बार से बढ़ाकर कम से कम तीन बार की जाए। सेवारत शिक्षकों के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, रायपुर के माध्यम से ऑनलाइन प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए।

Dantewada News: संगठन ने यह भी मांग की है कि सेवारत शिक्षकों की तैयारी को बेहतर बनाने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, रायपुर द्वारा अनुभवी शिक्षकों के सहयोग से राज्य स्तर पर प्रश्न बैंक का निर्माण कराया जाए।

Dantewada News: शालेय शिक्षक संघ, जिला इकाई दंतेवाड़ा ने शासन से आग्रह किया है कि सेवारत शिक्षकों के अध्यापन अनुभव एवं कार्यकुशलता को ध्यान में रखते हुए विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा की प्रक्रिया को व्यावहारिक बनाया जाए तथा शिक्षकों को परीक्षा में समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *