Cyclonic Storm Montha : रायपुर। छत्तीसगढ़ में कमजोर पड़े चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का असर अभी भी जारी है, जिससे किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फिर गया है। पककर तैयार धान की फसल को भारी नुकसान की आशंका है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 8 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है, जबकि तेज हवाओं और बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और दो यात्री ट्रेनें रद्द करनी पड़ी हैं।
Cyclonic Storm Montha : फसल खराब होने का बढ़ा संकट
सूरजपुर में किसान परेशान: प्रदेश के अन्य जिलों की तरह सूरजपुर में भी किसान सबसे ज्यादा चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि धान की कटाई का कार्य चल रहा था, लेकिन बारिश से खेतों में पानी भर गया है, जिससे पककर तैयार धान सड़ सकता है।
खलिहान का धान भी खराब: खलिहानों में काटकर रखा गया धान भीगने से खराब हो रहा है। किसानों ने इसे “हमारी थाली छीन जाने” जैसा बताया है और प्रशासन से तत्काल मदद की गुहार लगाई है।
इन 8 जिलों के लिए यलो अलर्ट
चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के कारण मौसम विभाग ने जिन 8 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश की संभावना जताई है, उनमें शामिल हैं:
- कोरिया
- सूरजपुर
- बलरामपुर
- जशपुर
- सरगुजा
- रायगढ़
- बिलासपुर
- जीपीएम (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही)
ट्रेनें रद्द और हेल्पडेस्क जारी
बस्तर संभाग, जहां पिछले दो दिनों से ठंडी हवाएं चल रही हैं, वहाँ तूफान का असर परिवहन पर भी पड़ा है।
यात्री ट्रेनें रद्द: ओडिशा और आंध्र प्रदेश तक चलने वाली 2 यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जबकि 2 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है।
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हेल्पलाइन नंबर: यात्रियों की सुविधा के लिए वाल्टेयर रेलमंडल ने जगदलपुर सहित अन्य प्रमुख स्टेशनों पर हेल्पडेस्क स्थापित किया है। जगदलपुर के लिए हेल्पलाइन नंबर 08912884714 और 08912884715 जारी किए गए हैं।











