Cyclone Ditwah in Bastar : रायपुर: बंगाल में बने चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ के प्रभाव से बस्तर संभाग में हल्की बारिश की संभावना है। कई क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे और ठंड बढ़ने की गति फिलहाल धीमी रहेगी। पूर्वी और दक्षिणी हवाओं के सक्रिय रहने से अगले दो दिन प्रदेश में न्यूनतम तापमान 1 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। इसके बाद तापमान में गिरावट आ सकती है।
Cyclone Ditwah in Bastar : पिछले 24 घंटों में दुर्ग में अधिकतम 30.8°C और अंबिकापुर में न्यूनतम 8.0°C दर्ज किया गया। मौसम में अचानक बदलाव के कारण स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी जारी की है कि हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार का खतरा बढ़ सकता है। लोगों से अपील की गई है कि केवल आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें और गर्म कपड़े पहनें।
Cyclone Ditwah in Bastar : नवंबर का मौसम रिकॉर्ड
Cyclone Ditwah in Bastar : छत्तीसगढ़ में नवंबर महीने में कभी तेज ठंड, कभी गर्मी और बारिश रिकॉर्ड की गई है। 2 नवंबर 1935 को सबसे अधिक 35.6°C और 22 नवंबर 1883 को न्यूनतम 8.3°C दर्ज हुआ। 2 नवंबर 1930 को एक दिन में 70.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई थी।
Cyclone Ditwah in Bastar : मलेरिया का खतरा
Cyclone Ditwah in Bastar : मौसम में बदलाव के कारण मलेरिया फैलने का खतरा बढ़ सकता है। तापमान दिन में 33-39°C और रात में 14-19°C मच्छरों के लिए अनुकूल रहता है। छत्तीसगढ़ में अगले आठ दिनों में मलेरिया संक्रमण का खतरा अधिक है, खासकर ग्रामीण और जंगल क्षेत्रों में।
Cyclone Ditwah in Bastar : स्वास्थ्य सुझाव:
शाम को मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाले कोयल/लिक्विड का उपयोग करें।
ITN या LLIN का उपयोग रात में करें।
घर में पानी जमा न होने दें और नाली व ड्रेनेज साफ रखें।
शरीर को ढककर रखें, खासकर बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएँ।
बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द या शरीर दर्द होने पर तुरंत ब्लड टेस्ट कराएँ।
सर्दियों में गर्म पानी से भाप लेना बंद नाक और जुकाम में लाभकारी।
गले में खराश के लिए नमक-पानी या तुलसी मिला कर गरारे करें।
विटामिन C युक्त आहार (संतरा, नींबू, आंवला) लें।
अदरक और तुलसी की चाय या काढ़ा पीने से वायरल संक्रमण और खांसी-जुकाम में राहत मिलेगी। मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान परिस्थितियों में सतर्क रहना आवश्यक है और आवश्यकतानुसार ही बाहर निकलें।











