contractual employees : भोपाल। मध्य प्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच की ओर से राजधानी भोपाल में मंगलवार को बड़ा प्रदर्शन किया गया। आंबेडकर पार्क में जुटे हजारों संविदा कर्मचारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर थामकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। आंदोलनकारियों ने कहा कि पीएससी के पदों में अनुभव के अंक जोड़े जाएं और संविदा कर्मचारियों के हितों को लेकर स्पष्ट नीति लागू की जाए। उनका आरोप है कि सरकार के उदासीन रवैये के कारण कर्मचारियों में गहरी निराशा व्याप्त है।
भीड़ को संबोधित करते हुए मंच के पदाधिकारियों—सजल भार्गव और दिनेश सिंह तोमर—ने बताया कि पिछले कई वर्षों से लंबित मांगों को लेकर सरकार से वार्ता की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मचारी प्रदेश की कई महत्वपूर्ण योजनाओं और सेवाओं की रीढ़ हैं, लेकिन उन्हें स्थिरता और सुरक्षा का अधिकार नहीं दिया जा रहा।
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आंदोलनकारियों ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों पर जोर देते हुए कहा कि वे स्थायीकरण, वेतन विसंगति दूर करना, समान काम-समान वेतन, पेंशन सुविधा और सेवा सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि ढाई लाख से अधिक संविदा कर्मचारी इस आंदोलन के समर्थन में लामबंद हुए हैं, जो इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाता है।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि संविदा कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए और पीएससी भर्ती प्रक्रिया में अनुभव को वाजिब महत्व दिया जाए।
संविदा संयुक्त संघर्ष मंच ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मंच ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं मिला, तो वे आंदोलन को और व्यापक रूप देने के लिए बाध्य होंगे।











