Collector Shivam Verma Action : इंदौर (16 फरवरी 2026): इंदौर के कोचिंग संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा और आसपास बढ़ते नशे के कारोबार को लेकर प्रशासन अब ‘जीरो टॉलरेंस’ मोड में आ गया है। अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र स्थित केटलाईजर कोचिंग में नाबालिग छात्रा के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा ने शहर के प्रमुख कोचिंग संचालकों की आपात बैठक बुलाई। इस बैठक में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए, जिसके बाद कलेक्टर ने पुलिस और प्रशासन को संयुक्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
कोचिंग के बाहर नशे का जाल, कलेक्टर का कड़ा रुख
बैठक के दौरान संचालकों ने बताया कि संस्थानों के बाहर और आसपास खुलेआम नशीले पदार्थ बेचे जा रहे हैं, जो छात्रों को न केवल अपराध की ओर धकेल रहे हैं बल्कि छात्राओं की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन गए हैं। इस पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिस कमिश्नर के साथ मिलकर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
भंवरकुआं क्षेत्र में बढ़ेगी चौकसी
कोचिंग के गढ़ कहे जाने वाले भंवरकुआं और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि:
- स्टाफ वेरिफिकेशन: सभी कोचिंग संस्थानों के हर कर्मचारी और शिक्षक का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा।
- सुरक्षा ऑडिट: संस्थानों के भीतर सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा मानकों का ऑडिट किया जाएगा।
- सादी वर्दी में पुलिस: छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मनचलों पर लगाम कसने के लिए सादी वर्दी में महिला और पुरुष पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
सावधानी और सख्ती की अपील
इंदौर प्रशासन ने कोचिंग संचालकों को चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर संस्थान को तत्काल सील कर दिया जाएगा। कलेक्टर ने अभिभावकों और छात्रों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत डायल 100 या प्रशासन के हेल्पलाइन नंबर पर दें।
शिवम वर्मा, कलेक्टर, इंदौर
“छात्राओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। केटलाईजर कोचिंग की घटना के बाद हमने सुरक्षा ऑडिट के निर्देश दिए हैं। कोचिंग के बाहर नशे की शिकायतों पर पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त ऑपरेशन चलाया जाएगा। स्टाफ का वेरिफिकेशन न होने पर सख्त कार्रवाई होगी।”











