Chhawani Anaj Mandi News : इंदौर। इंदौर की छावनी अनाज मंडी में मंगलवार को उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब मंडी प्रशासन द्वारा ‘नो एंट्री’ के समय में किए गए बदलाव के विरोध में किसान लामबंद हो गए। प्रशासन ने दोपहर 12:30 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी, जिससे नाराज सैकड़ों किसान मंडी परिसर की सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इस हंगामे के कारण मंडी की नीलामी प्रक्रिया घंटों तक ठप रही, जिससे व्यापारियों और किसानों दोनों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
क्यों नाराज हैं किसान? किसानों का आरोप है कि दोपहर 12:30 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी लगाने से उनकी उपज लेकर आने वाले वाहन समय पर मंडी नहीं पहुंच पा रहे हैं। देरी से पहुंचने के कारण नीलामी में समस्या आ रही है और उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। आक्रोशित किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांग की कि प्रवेश के समय में बदलाव किया जाए ताकि किसानों को परेशानी न हो।
प्रशासन और सचिव के रुख पर विवाद मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडी प्रशासन के मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि इस समस्या से इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इसका समाधान निकाल लिया जाएगा। वहीं, एक वीडियो वायरल होने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें मंडी सचिव किसानों के बीच जमीन पर बैठे नजर आ रहे हैं। व्यापारियों ने इस पर आपत्ति जताई है, जबकि मंडी के सहायक उप निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह तोमर ने सफाई दी कि सचिव धरने में शामिल नहीं थे, बल्कि वे केवल किसानों की समस्याएं सुन रहे थे।
नीलामी प्रक्रिया प्रभावित धरना प्रदर्शन के चलते काफी देर तक अनाज की नीलामी रुकी रही। हालांकि, बाद में अधिकारियों की समझाइश और संवाद के बाद स्थिति को सामान्य करने के प्रयास शुरू किए गए। प्रशासन अब बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है जिससे शहर की यातायात व्यवस्था (नो एंट्री) भी प्रभावित न हो और किसानों की उपज भी समय पर बिक सके।











