chhattisgarhi festival : भिलाई | छत्तीसगढ़ी तिहार, संस्कृति, भाखा अउ अस्मिता के गौरव ला लेके “जबर हरेली रैली” 20 जुलाई इतवार के दिन भिलाई म धूमधाम से मनाए जाही।
यह आयोजन ना केवल एक सांस्कृतिक पर्व हे बल्कि छत्तीसगढ़ी एकता, पहचान अउ परंपरा के प्रतीक बन के उभरे बर तियार हे।
हरेली तिहार के बहाने छत्तीसगढ़ माटी ला सुरता करबो
संगठकों के अनुसार, रैली के मुख्य उद्देश्य हे—अपन सांस्कृतिक धरोहर ला जिंदा रखे, अपन भाखा अउ बोली म गर्व करे अउ छत्तीसगढ़िया समाज के बीच एकजुटता के भावना मजबूत करे।
कार्यक्रम म छत्तीसगढ़ी तीज-त्यौहार, रीति-रिवाज, लोकनृत्य, गीत-संगीत, और पारंपरिक झलक के भरपूर रंग देखे जाहीं।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण:
- बैलगाड़ी जुलूस
- लोक नृत्य, राउत नाचा, पंडवानी प्रस्तुति
- आदिवासी आंचलिक गीत अउ नृत्य
- गेड़ी चलाना अउ पारंपरिक वेशभूषा म सजधज
- रंग झरोखा संस्था के सांस्कृतिक प्रस्तुति रतिहा बेरा
कार्यक्रम म बुजुर्ग, जवान अउ लइका मन बर अलग-अलग सांस्कृतिक गतिविधियाँ रखे गे हे, जेमा पारंपरिक खेल, छत्तीसगढ़ी भोजन के स्टॉल, अउ लोककलाकार मन के लाइव प्रदर्शन होही।
रैली विवरण:
- रैली आरंभ: 10 बजे बिहान
- स्थान से: पावर हाउस, अंबेडकर चौक
- गंतव्य: दसरहा मैदान, रिसाली सेक्टर
- मुख्य मंच: दसरहा मैदान, जहाँ मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम होही
आयोजकों द्वारा जम्मो छत्तीसगढ़िया संगवारी ला खुले मन ले नेवता दिए गे हे—“भुलाहू झन, आहु जरूर।”
एकता अउ अस्मिता के संदेश:
रैली म छत्तीसगढ़ी कलाकार, साहित्यकार, संस्कृतिकर्मी, सामाजिक संगठन अउ आम जनता भाग लेही। आयोजक मन के कहिबे के अनुसार,
“यह आयोजन ह केवल मनोरंजन नइ, बल्कि अपन जड़ ला संजोए के, अउ नई पीढ़ी तक छत्तीसगढ़िया अस्मिता ला पहुंचाए के माध्यम हे।”
सुरक्षा अउ प्रबंधन:
नगर निगम, पुलिस विभाग अउ स्थानीय स्वयंसेवक संगठन मन के सहयोग ले रैली के संपूर्ण मार्ग म सुरक्षा अउ व्यवस्था सुनिश्चित करे गे हे। ट्रैफिक नियंत्रण खातिर विशेष इंतजाम होही।













