सितकालो गांव निवासी चैतू राम बुधवार सुबह मवेशी और बकरियां चराने घर से करीब 500 मीटर दूर जंगल की ओर गए थे। सरगुजा में भालू का हमला उस समय हुआ जब वह जंगल के अंदर खुखड़ी खोजने पहुंचे।अचानक भालू ने उन पर हमला कर दिया। हमले में उनके सिर, कंधे और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। चैतू राम ने भालू से बचने के लिए काफी संघर्ष किया। कुछ देर बाद भालू वहां से चला गया।
लहूलुहान हालत में गांव पहुंचे
भालू के जाने के बाद चैतू राम घायल हालत में किसी तरह गांव की ओर बढ़े। रास्ते में दूसरे ग्रामीणों ने उन्हें लहूलुहान हालत में देखा और उनके परिजनों को सूचना दी।परिजन उन्हें तत्काल उदयपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। सरगुजा में भालू का हमला इतना गंभीर था कि डॉक्टरों ने उनकी हालत देखते हुए उन्हें अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।
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अंबिकापुर से रायपुर ले जाते समय मौत
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार के बाद चैतू राम को रायपुर रेफर किया गया। लेकिन रायपुर ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।सरगुजा में भालू का हमला होने के बाद चैतू राम की मौत की खबर गांव पहुंची तो ग्रामीणों में दहशत फैल गई। लोगों में अब जंगल जाने को लेकर डर का माहौल है।
वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके का जायजा लिया। सरगुजा में भालू का हमला बढ़ने के बीच विभाग ने ग्रामीणों को जंगल में अकेले नहीं जाने की सलाह दी है।अधिकारियों के अनुसार इस इलाके में ग्रामीण खुखड़ी और पुटू जैसे जंगली खाद्य पदार्थ लेने के लिए अक्सर जंगल जाते हैं। ऐसे में भालू से सामना होने का खतरा बना रहता है।वन विभाग ने मृतक के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
कोरबा में दो महिलाओं पर भालू का हमला
भालू के हमले की दूसरी घटना कोरबा जिले के डीडासरई-देवपहरी जंगल में मंगलवार शाम करीब 6 बजे हुई। सरगुजा में भालू का हमला के साथ आसपास के जिलों में भी ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।यहां मूल्यारो बाई और समारी बाई पर भालू ने हमला कर दिया। दोनों महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तत्काल कोरबा के शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।डॉक्टरों के अनुसार दोनों की स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। वन विभाग ने गांव में मुनादी कराकर लोगों को अकेले जंगल में नहीं जाने की सलाह दी है।
शंकरगढ़ में वृद्ध पर किया हमला
तीसरी घटना शंकरगढ़ के आसनपानी गांव में सोमवार शाम की है। यहां 60 वर्षीय भगतु कोडाकू मवेशी चराने जंगल गए थे। इसी दौरान भालू ने उन पर हमला कर दिया।सरगुजा में भालू का हमला और आसपास के क्षेत्रों में लगातार ऐसी घटनाओं के बीच ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। भगतु कोडाकू को आसपास के लोगों ने बचाया। लोगों के शोर मचाने पर भालू जंगल की ओर भाग गया।घायल ग्रामीण को शंकरगढ़ स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार दिया गया। वन विभाग ने उन्हें तत्काल राहत के तौर पर एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी।
जंगल जाने वालों को वन विभाग की चेतावनी
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद वन विभाग ने जंगल से गुजरने वाले रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी है। सरगुजा में भालू का हमला और आसपास के इलाकों में बढ़ती घटनाओं को देखते हुए ग्रामीणों से विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अकेले जंगल न जाएं और खासकर सुबह-शाम जंगल के अंदर जाने से बचें। जंगल में जंगली खाद्य पदार्थ या मवेशियों के लिए चारा लेने जाने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
तीन घटनाओं के बाद बढ़ी चिंता
सरगुजा, कोरबा और शंकरगढ़ में कुछ ही दिनों के भीतर भालू के हमलों की घटनाओं ने वन क्षेत्र से लगे गांवों की चिंता बढ़ा दी है। सरगुजा में भालू का हमला अब ग्रामीणों के लिए गंभीर खतरे के रूप में सामने आया है।वन विभाग की निगरानी के बावजूद ग्रामीणों को जंगल में जाने से बचने की सलाह दी गई है। फिलहाल विभाग की टीमें स्थिति पर नजर रख रही हैं और प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों को लगातार सतर्क किया जा रहा है।