Chhattisgarh: नवरात्रि के दौरान रायपुर में होने वाले गरबा आयोजनों को लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिए हैं। आयोजन स्थलों पर भीड़ को नियंत्रित करने से लेकर CCTV कैमरे, पार्किंग और महिला-पुरुष सुरक्षा कर्मियों की तैनाती तक कई व्यवस्थाएं अनिवार्य की गई हैं। पुलिस ने साफ किया है कि आयोजकों को अनुमति पत्र में दर्ज सभी शर्तों का पालन करना होगा।
पुलिस ने आयोजकों के साथ की बैठक
डीसीपी सेंट्रल तारकेश्वर पटेल ने गरबा आयोजकों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान आयोजन स्थल की सुरक्षा, प्रवेश और निकास व्यवस्था, पार्किंग, भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन इंतजामों पर चर्चा हुई। आयोजकों को निर्देश दिए गए कि कार्यक्रम शुरू होने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर लें।
CCTV और गार्ड रहेंगे तैनात
गरबा स्थलों पर पर्याप्त CCTV कैमरे लगाने और रिकॉर्डिंग की व्यवस्था रखने को कहा गया है। इसके साथ पुरुष और महिला वालंटियर तथा सुरक्षा गार्ड तैनात करने होंगे। तैनात कर्मियों की जानकारी संबंधित थाने को देनी होगी। प्रवेश और निकास द्वार के साथ आपातकालीन रास्तों को भी खुला रखना जरूरी होगा, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
DJ और समय सीमा पर नजर
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गरबा कार्यक्रम तय स्थान और निर्धारित समय सीमा के भीतर ही आयोजित किए जाएंगे। DJ का इस्तेमाल अनुमति पत्र में दर्ज समय और ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों के अनुसार करना होगा। निर्धारित सीमा से बाहर जाकर साउंड सिस्टम चलाने पर कार्रवाई हो सकती है।
हथियार और नशे पर प्रतिबंध
आयोजन स्थल पर हथियार, ज्वलनशील पदार्थ, मादक पदार्थ और प्रतिबंधित सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होगी। आयोजकों को प्रवेश के दौरान सुरक्षा जांच और निगरानी की व्यवस्था रखनी होगी। पंडाल में अग्निशमन उपकरण और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा भी जरूरी होगी, ताकि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में तुरंत मदद मिल सके।
भीड़ और पार्किंग का रखना होगा ध्यान
गरबा स्थल की निर्धारित क्षमता से ज्यादा लोगों को प्रवेश नहीं दिया जा सकेगा। आयोजकों को पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था करनी होगी, ताकि आसपास की सड़कों पर जाम न लगे। भीड़ को नियंत्रित करने और आपात स्थिति से निपटने के लिए जिम्मेदार लोगों की तैनाती भी जरूरी होगी।
भड़काऊ गतिविधियों पर भी रोक
कार्यक्रम में अश्लील, आपत्तिजनक या भड़काऊ प्रस्तुतियों की अनुमति नहीं होगी। ऐसी गतिविधियों पर भी रोक रहेगी, जिनसे सांप्रदायिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका हो। प्रत्येक आयोजन में कम से कम दो जिम्मेदार पदाधिकारियों की मौजूदगी जरूरी होगी। किसी घटना की जानकारी तुरंत पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को देनी होगी।






