गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा । Nishaanebaz.com-Raigarh Gharghoda Maa Bagin Dokri: छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक धरा पर कई ऐसे पावन और चमत्कारिक मंदिर हैं, जो अपनी अनूठी मान्यताओं के लिए दूर-दूर तक जाने जाते हैं। रायगढ़ जिले के घरघोड़ा विकासखंड में स्थित माँ बैगिन डोकरी का मंदिर भी इन्हीं प्रमुख आस्था केंद्रों में शुमार है। यहाँ माता की पूजा ‘चारभांठा गाँव की बेटी और घरघोड़ा की बहू’ के रूप में विशेष रूप से की जाती है, जो इस क्षेत्र की लोक-संस्कृति और अटूट श्रद्धा का अनूठा प्रतीक है।
माँ बैगिन डोकरी के दरबार में आने वाले भक्तों का अटूट विश्वास है कि जो भी सच्चे मन से अपनी झोली फैलाता है, उसकी हर मनोकामना अवश्य पूरी होती है। मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु यहाँ धूमधाम से पूजा-अर्चना करते हैं और माता के चरणों में नारियल, अगरबत्ती, फूल-माला के साथ-साथ अपनी श्रद्धा अनुसार चांदी का मुकुट या चांदी के नैन (आंखें) अर्पित करते हैं। यहाँ की ऐसी मान्यता है कि घरघोड़ा क्षेत्र की जब भी किसी महिला का विवाह होता है और वह बच्चे के जन्म के बाद मायके से ससुराल या ससुराल से मायके आती है, तो स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार माता के दरबार में हाजिरी लगाती है, जिससे बच्चों पर कोई कष्ट नहीं आता।
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इस दरबार की ख्याति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ केवल आम लोग ही नहीं, बल्कि प्रदेश के बड़े-बड़े दिग्गज राजनेता भी अपना माथा टेकने आते हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, पूर्व विधायक ओमप्रकाश राठिया, विधायक लालजीत राठिया और वर्तमान सांसद राधेश्याम राठिया सहित कई प्रमुख हस्तियां कई बार यहाँ आकर माता का आशीर्वाद ले चुकी हैं। चैत्र और शारदीय नवरात्रि के पावन अवसरों पर यहाँ विशाल मेला जैसा माहौल रहता है, जहाँ रायगढ़ और जशपुर जिले के अलावा दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
इस प्राचीन मंदिर की एक और खास बात यह है कि यहाँ पिछले चार पीढ़ियों से एक ही परिवार के सदस्य मुख्य पुजारी (बैगा) के रूप में माँ की सेवा कर रहे हैं। वर्तमान पुजारी सिविल कुमार बैगा बताते हैं कि उनसे पहले उनके दादा रायसिंह और फिर उनके पिता जग्गूराम बैगा ने पीढ़ियों तक माता की पूजा की थी। वक्त के साथ जैसे-जैसे माँ की चमत्कारिक शक्ति और महिमा लोगों तक पहुंचती गई, वैसे-वैसे यहाँ भक्तों का तांता लगातार बढ़ता जा रहा है, और आज यह पूरा अंचल माँ बैगिन डोकरी की जयकारों से गुंजायमान रहता है।

