CG News: छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने की तैयारी है। इस बार खरीदी व्यवस्था को पहले से ज्यादा सुविधाजनक बनाने के लिए नए केंद्र भी खोले जाएंगे। जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में 360 नए धान खरीदी केंद्र शुरू करने की योजना है। इसके बाद किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए पहले की तुलना में अधिक विकल्प मिल सकेंगे।
धान खरीदी छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए हर साल का बड़ा इंतजार रहता है। बड़ी संख्या में किसान अपनी आय के लिए सरकारी खरीदी व्यवस्था पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में समर्थन मूल्य और राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली अतिरिक्त राशि के कारण धान खरीदी का सीधा असर किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है।
3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से होगी धान खरीदी
इस बार धान खरीदी के लिए 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर प्रमुख चर्चा में है। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है। धान बेचने के बाद मिलने वाली राशि किसानों के लिए खेती की अगली तैयारी, खाद-बीज की खरीद और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मददगार होती है।सरकारी खरीदी व्यवस्था में किसानों को समय पर भुगतान और बिना परेशानी उपज बेचने की सुविधा देना भी महत्वपूर्ण रहेगा। खरीदी की प्रक्रिया व्यवस्थित रखने के लिए केंद्रों पर जरूरी इंतजाम करने होंगे।
प्रदेश में खुलेंगे 360 नए धान खरीदी केंद्र
धान खरीदी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इस साल 360 नए केंद्र शुरू करने की तैयारी है। नए केंद्र खुलने से उन इलाकों के किसानों को राहत मिल सकती है, जहां अभी धान बेचने के लिए दूर जाना पड़ता है।
खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ने से मौजूदा केंद्रों पर भीड़ और लंबी कतारों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। किसानों को अपनी उपज लेकर अधिक दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। हालांकि, नए केंद्र किन जिलों और गांवों में खोले जाएंगे, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही किसानों को अपने क्षेत्र की सुविधा का पता चल सकेगा।
3100 से अधिक खरीदी केंद्रों के जरिए होगी व्यवस्था
इस बार प्रदेश में धान खरीदी केंद्रों की संख्या 3100 तक पहुंचाने की तैयारी बताई जा रही है। इसका उद्देश्य खरीदी व्यवस्था को ज्यादा सुलभ बनाना और किसानों को स्थानीय स्तर पर सुविधा देना है। नए केंद्रों के संचालन के लिए जरूरी संसाधन, कर्मचारियों और भंडारण व्यवस्था की तैयारी भी अहम होगी।
‘तुहर टोकन’ ऐप से मिलेगा खरीदी का टोकन
धान बेचने के लिए किसानों को टोकन की जरूरत होती है। इस प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए ‘तुहर टोकन’ ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा। मोबाइल ऐप के जरिए टोकन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा मिलने से किसानों को खरीदी केंद्रों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिल सकती है।टोकन व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि किसान निर्धारित तारीख पर खरीदी केंद्र पहुंचकर अपनी उपज बेच सकें। इससे केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने और खरीदी प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने में मदद मिल सकती है।
किसानों को खरीदी की तारीखों का इंतजार
धान खरीदी की दर, नए केंद्रों और टोकन व्यवस्था को लेकर किसानों की नजर अब सरकार की विस्तृत तैयारियों पर रहेगी। खरीदी कब शुरू होगी, पंजीयन और टोकन की प्रक्रिया की तारीखें क्या होंगी तथा नए केंद्र किन क्षेत्रों में बनाए जाएंगे, इन जानकारियों का इंतजार है।कुल मिलाकर, 2026-27 की धान खरीदी में 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर, 360 नए केंद्र और ‘तुहर टोकन’ ऐप की व्यवस्था महत्वपूर्ण रहने वाली है। इन व्यवस्थाओं का वास्तविक लाभ किसानों तक कितना पहुंचता है, यह खरीदी शुरू होने के बाद स्पष्ट होगा।