रायपुर। Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र को बड़ा झटका लगा है। नवा रायपुर स्थित रावतपुरा सरकार निजी मेडिकल कॉलेज को नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने नए सत्र के लिए “जीरो ईयर” घोषित कर दिया है, जिससे राज्य की 150 एमबीबीएस सीटें अब कम हो गई हैं। इससे राज्यभर में कुल सीटें 2130 से घटकर 1980 रह गई हैं।
Chhattisgarh News : NMC का यह फैसला सीबीआई की कार्रवाई के बाद सामने आया, जिसमें कॉलेज प्रबंधन द्वारा निरीक्षण टीम को रिश्वत देने और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों की मिलीभगत उजागर हुई थी। सीबीआई ने 30 जून को कॉलेज पर छापामारी की थी और कॉलेज डायरेक्टर समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें NMC के 3 एसेसर भी शामिल थे।
घटना के बाद न केवल रावतपुरा, बल्कि मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश सहित अन्य राज्यों के 6 मेडिकल कॉलेजों को भी जीरो ईयर घोषित किया गया है। साथ ही NMC ने 4 एसेसर को ब्लैकलिस्ट कर दिया है, जो मेडिकल क्षेत्र में अब किसी भी मान्यता प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन सकेंगे।
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जीरो ईयर घोषित होने का मतलब है कि कॉलेज में नए छात्रों को इस वर्ष प्रवेश नहीं मिलेगा, हालांकि पूर्व में एडमिशन ले चुके छात्रों की पढ़ाई जारी रहेगी। इससे संभावित कटऑफ रैंक पर भी असर पड़ेगा और प्रतियोगिता और अधिक कड़ी हो सकती है।
वहीं राज्य के 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों को नए सत्र के लिए अंडरटेकिंग के आधार पर मान्यता मिल चुकी है। हालांकि, 4 निजी कॉलेजों की मान्यता अभी भी पेंडिंग है। इनमें से 3 कॉलेजों ने सीटें 150 से बढ़ाकर 250 करने का प्रस्ताव भी दिया है। संभावना है कि 1-2 कॉलेजों को बढ़ी हुई सीटों की मंजूरी मिल सकती है, लेकिन रावतपुरा अब इस दौड़ से बाहर हो चुका है।
इस घटनाक्रम ने शिक्षा जगत और मेडिकल करियर की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों के बीच चिंता की लहर दौड़ा दी है। एनएमसी की सख्ती से यह स्पष्ट है कि अब मेडिकल मान्यता प्रक्रिया में किसी तरह की ढिलाई और भ्रष्टाचार की कोई जगह नहीं बची है।











