जानकारी के अनुसार घटना की सूचना विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को मिली थी। कोंडागांव गौहत्या मामला सामने आने के बाद कार्यकर्ताओं ने इसकी जानकारी इरागांव पुलिस को दी।सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ग्राम पड्डे के जंगल क्षेत्र में पहुंची। यहां छह लोग कथित रूप से गाय को काटकर उसकी चमड़ी निकाल रहे थे।
मौके से छह लोगों को पकड़ा
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौके से सभी छह लोगों को हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तार कर लिया। कोंडागांव गौहत्या मामला अब पुलिस की जांच के दायरे में है।पुलिस ने घटना स्थल से संबंधित सामग्री को भी जांच के लिए लिया है। अधिकारियों की ओर से मामले के अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
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शोक कार्यक्रम के लिए मांस तैयार करने का दावा
एसडीओपी अरुण कुमार नेताम के मुताबिक पुलिस को जंगल में गौहत्या की सूचना मिली थी। कोंडागांव गौहत्या मामला में शुरुआती पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि कथित तौर पर शोक कार्यक्रम के लिए मांस तैयार करने के उद्देश्य से गाय की हत्या की गई थी।हालांकि, पुलिस अभी मामले की पूरी जांच कर रही है और पूछताछ के आधार पर आगे की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
पुलिस कर रही आरोपियों से पूछताछ
गिरफ्तार किए गए सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है। कोंडागांव गौहत्या मामला में पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना में और कौन लोग शामिल थे और इसकी पूरी योजना किस तरह बनाई गई थी।जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकती है।
जांच के बाद तय होंगी कानूनी धाराएं
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में अपराध दर्ज कर विधिवत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कोंडागांव गौहत्या मामला में पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।अधिकारियों के अनुसार फिलहाल प्राथमिकता मामले के तथ्यों को जुटाने और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करने की है।
इलाके में बढ़ी हलचल
घटना की जानकारी सामने आने के बाद क्षेत्र में भी चर्चा तेज हो गई है। कोंडागांव गौहत्या मामला सामने आने के बाद पुलिस ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है।फिलहाल छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जा रही है। पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।