Chhattisgarh Deputy Collector Suspended : बीजापुर/बालोद : छत्तीसगढ़ शासन ने बीजापुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई बालोद जिले की एक महिला आरक्षक द्वारा लगाए गए संगीन आरोपों के बाद की गई है। महिला का आरोप है कि दिलीप उइके ने वर्ष 2017 से प्रेम संबंध का झांसा देकर न केवल उसका शारीरिक शोषण किया, बल्कि अधिकारी बनने के बाद शादी से इनकार कर उसे आर्थिक और मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया।
वर्ष 2017 से शुरू हुआ था शोषण का सिलसिला
पीड़िता के अनुसार, जब वह वर्ष 2017 में डौंडी के आईटीआई में पढ़ रही थी, तब दिलीप उइके से उसका परिचय हुआ। दिलीप ने शादी का वादा किया और संबंध बनाए। महिला का आरोप है कि इस दौरान वह तीन बार गर्भवती हुई, लेकिन हर बार दिलीप ने करियर और शादी का झांसा देकर उसे जबरदस्ती गर्भपात की दवा खिला दी। अंतिम बार मई 2025 में भी उसे धोखे से गर्भपात कराने पर मजबूर किया गया।
पढ़ाई का खर्च उठाया, बैंक लोन लेकर दिए पैसे
महिला आरक्षक ने मुख्य सचिव को सौंपे अपने आवेदन में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। महिला का दावा है कि जब दिलीप पीएससी (PSC) की तैयारी कर रहा था, तब उसने अपनी सैलरी से हर महीने 4-5 हजार रुपये दिलीप के खर्चों के लिए भेजे। यही नहीं, दिलीप की जरूरतों को पूरा करने के लिए महिला ने बैंक से लोन लेकर 3,30,000 रुपये भी उसके खाते में ट्रांसफर किए। आरोप यह भी है कि दिलीप ने महिला के नाम पर कार खरीदी और बाद में उसे अपने नाम करवा लिया।
नियमों के उल्लंघन और संरक्षण का आरोप
महिला ने अपनी शिकायत में बीजापुर जिला प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि प्रशासन ने डिप्टी कलेक्टर को बचाने के लिए फर्जी प्रमाण पत्र जारी किए और नियमों के विरुद्ध अवकाश स्वीकृत किए। महिला ने इन सभी आरोपों के समर्थन में 12 बिंदुओं वाला शिकायत पत्र और बैंक स्टेटमेंट सहित डिजिटल साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं।
FIR और प्रशासनिक कार्रवाई
बालोद जिले के डौंडी थाना में दिलीप उइके के विरुद्ध गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की संवेदनशीलता और प्रथम दृष्टया साक्ष्यों की पुष्टि होने के बाद राज्य शासन ने निलंबन की अधिसूचना जारी की है। वर्तमान में पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी अधिकारी की गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है।













