CGPSC Scam में फिर तेज हुई ED की जांच, जमानत पर बाहर आरोपियों समेत 30 लोग रडार पर

Rahul Goshwami

CGPSC Bharti Scam Update: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी CGPSC भर्ती घोटाले की जांच अब एक बार फिर तेज होती नजर आ रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित कैश सिंडिकेट से जुड़े पहलुओं की जांच के लिए करीब 30 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। इनमें भर्ती परीक्षा से जुड़े विवादित अभ्यर्थियों के साथ-साथ कुछ अन्य लोगों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं।ED की पूछताछ का मुख्य फोकस कथित तौर पर उस रकम के स्रोत और उसके लेन-देन पर है, जिसे अभ्यर्थियों से वसूले जाने का आरोप लगाया गया है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह पैसा कहां से आया और कथित तौर पर किन लोगों तक पहुंचा।

मामले में पूछताछ के लिए बुलाए गए लोगों में केवल विवादित अभ्यर्थी ही शामिल नहीं हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार NGO, एक बड़ी कंपनी और रिसॉर्ट संचालन से जुड़े कुछ लोगों को भी ED ने नोटिस भेजा है।इससे जांच का दायरा और बड़ा होने के संकेत मिल रहे हैं। एजेंसी कथित पैसों के नेटवर्क और उससे जुड़े संपर्कों को समझने की कोशिश कर रही है। हालांकि, किसी व्यक्ति को केवल पूछताछ के लिए बुलाए जाने को अपराध साबित होना नहीं माना जा सकता। मामले में जांच जारी है।

जमानत पर बाहर आरोपियों से भी ED करेगी पूछताछ
CGPSC भर्ती घोटाले से जुड़े जिन लोगों को पहले गिरफ्तार किया गया था और जो फिलहाल जमानत पर बाहर हैं, उन्हें भी ED ने दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया है।इनमें तत्कालीन CGPSC परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गनवीर, टामन सोनवानी के भतीजे साहिल सोनवानी, नितेश सोनवानी, शशांक गोयल और उनकी पत्नी भूमिका कटियार समेत कई नाम बताए जा रहे हैं।खास बात यह है कि 1 सितंबर को तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। इसके बाद अब ED की ओर से दोबारा पूछताछ के लिए बुलाए जाने को जांच की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।
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171 पदों के लिए हुई थी CGPSC भर्ती परीक्षा
CGPSC भर्ती परीक्षा 2021 में कुल 171 पदों के लिए आयोजित की गई थी। इसका प्रारंभिक परीक्षा यानी प्री-एग्जाम 13 फरवरी 2022 को हुआ था। इस परीक्षा में कुल 2,565 अभ्यर्थी सफल हुए थे।इसके करीब तीन महीने बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को मुख्य परीक्षा यानी मेंस आयोजित की गई। इसमें 509 अभ्यर्थी पास हुए थे।इसके बाद इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी हुई और 11 मई 2023 को 170 चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई थी। भर्ती प्रक्रिया के दौरान सामने आए आरोपों के बाद यह मामला जांच के घेरे में आया।

अब ED की जांच में किस बात का जवाब तलाशा जा रहा है?
ED की मौजूदा कार्रवाई का सबसे अहम पहलू कथित पैसों का नेटवर्क है। एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि अभ्यर्थियों से कथित तौर पर ली गई रकम का स्रोत क्या था, उसका इस्तेमाल कैसे हुआ और किन लोगों के बीच उसका लेन-देन हुआ।

पूछताछ में अलग-अलग लोगों के बीच संपर्क, वित्तीय लेन-देन और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े संभावित कनेक्शन की जानकारी सामने आने की उम्मीद है। करीब 30 लोगों को नोटिस जारी होने के बाद आने वाले दिनों में जांच और पूछताछ का दायरा बढ़ सकता है।फिलहाल ED की कार्रवाई जांच का हिस्सा है और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। मामले में जिन लोगों पर आरोप हैं, उनके खिलाफ आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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