Saturday, October 3, 2026
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Bijapur Fuel Crisis: मानसून की एंट्री के बीच खेती पर संकट: खाद-बीज के बाद अब ईंधन के लिए भटक रहे अन्नदाता, सता रही है बोनी की चिंता

Bijapur Fuel Crisis: बीजापुर। छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में इन दिनों मानसून की दस्तक के साथ ही किसानों और आम जनता को पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत (किल्लत) का सामना करना पड़ रहा है। इस ज्वलंत समस्या के विरोध में सोमवार को बीजापुर के विधायक श्री विक्रम शाह मंडावी के नेतृत्व में जिले भर के सैकड़ों किसानों और किसान यूनियनों ने नैमेड से जिला मुख्यालय तक ट्रैक्टरों के साथ एक विशाल आक्रोश रैली निकाली। कलेक्ट्रेट के पास स्थित मिनीग्राउंड में आयोजित एक विशाल आम सभा में तब्दील हुई इस रैली के माध्यम से किसानों ने प्रशासन के खिलाफ अपना कड़ा रोष व्यक्त किया। अन्नदाताओं का साफ कहना है कि यदि खेती के इस महत्वपूर्ण समय में उन्हें ईंधन नहीं मिला, तो इस साल खेतों में फसल बोना पूरी तरह असंभव हो जाएगा।

खाद-बीज के बाद अब ईंधन का संकट; भाजपा सरकार के ढाई साल पूरे होने पर मंडावी का तीखा हमला

मिनीग्राउंड की सभा को संबोधित करते हुए स्थानीय विधायक विक्रम शाह मंडावी ने राज्य की विष्णुदेव साय सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के कार्यकाल के ढाई वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन सरकार अंदरूनी क्षेत्रों की बुनियादी समस्याओं का निराकरण करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। मंडावी ने कहा, “बरसात का मौसम सिर पर है। किसान पहले से ही सहकारी समितियों में खाद और उन्नत बीजों के लिए चक्कर काट रहे थे, और अब उनके सामने ट्रैक्टर व कृषि यंत्रों को चलाने के लिए पेट्रोल-डीजल का एक नया संकट खड़ा कर दिया गया है। जब किसान पेट्रोल पंपों पर जा रहे हैं, तो वहां का स्टाफ उनके साथ अभद्र व्यवहार कर उन्हें खदेड़ रहा है।”बीजापुर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत : ट्रैक्टर रैली निकालकर किसानों ने किया प्रदर्शन, कहा – कैसे करेंगे खेती…

पंप संचालकों और व्यापारियों की जुगलबंदी; जरकिनों में सप्लाई कर ऊंचे दामों पर ब्लैक मार्केटिंग का आरोप

किसानों की गंभीर विधिक शिकायत: दूर-दराज के गांवों से ट्रैक्टर लेकर पहुंचे पीड़ित किसानों ने मीडिया के सामने पेट्रोल पंप संचालकों और स्थानीय रसूखदार व्यापारियों के बीच चल रहे एक बड़े रैकेट का खुलासा किया। किसानों का आरोप है कि जब वे अपनी गाड़ियों के लिए तेल मांगने जाते हैं, तो स्टॉक खत्म होने का बहाना बना दिया जाता है। वहीं दूसरी ओर, पंप कर्मचारियों द्वारा बंद कमरों और रातों के अंधेरे में व्यापारियों को बड़े-बड़े जरकिनों और ड्रमों में भरकर अवैध रूप से पेट्रोल-डीजल की धड़ल्ले से सप्लाई की जा रही है। यही व्यापारी बाद में अपनी ग्रामीण दुकानों से किसानों को दोगुने और मनमाने दामों पर ब्लैक (कालाबाजारी) में ईंधन बेच रहे हैं, जिस पर जिला प्रशासन और खाद्य विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।

प्रशासन को अल्टीमेटम; समाधान नहीं होने पर बस्तर संभाग में होगा चक्काजाम

विधायक विक्रम मंडावी और किसान नेताओं ने संयुक्त रूप से जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि बस्तर के इस पिछड़े आदिवासी अंचल के किसानों के सब्र का इम्तिहान न लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह ट्रैक्टर रैली प्रशासन को जगाने के लिए एक शांतिपूर्ण विधिक चेतावनी थी। यदि अगले 48 घंटों के भीतर बीजापुर जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर ईंधन की नियमित और पारदर्शी आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई और कालाबाजारी करने वाले बिचौलियों व पंप संचालकों पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह ठप कर उग्र और ऐतिहासिक चक्काजाम आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन की होगी।

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