Wednesday, September 2, 2026
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Chaitanya Baghel : मनी लॉन्ड्रिंग केस में चैतन्य बघेल को झटका, हाईकोर्ट ने ईडी जांच में हस्तक्षेप से किया इनकार

Chaitanya Baghel
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Chaitanya Baghel : रायपुर : मनी लॉन्ड्रिंग केस में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बड़ी राहत नहीं मिल पाई है। हाईकोर्ट ने उनकी वह याचिका खारिज कर दी है, जिसमें उन्होंने ईडी की जांच और गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताते हुए रद्द करने की मांग की थी। जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच ने 24 सितंबर को फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे अब सुनाते हुए कहा गया कि जांच और गिरफ्तारी में न्यायालय को हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है। कोर्ट ने माना कि ईडी की कार्रवाई कानून के तहत की गई है। ईडी की ओर से एडवोकेट सौरभ पांडेय ने पैरवी की।

Chaitanya Baghel : ईडी के मुताबिक, चैतन्य बघेल को शराब घोटाले से करीब 16.70 करोड़ रुपए मिले। इन पैसों को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश किया गया। जांच में सामने आया कि बघेल डेवलपर्स के विट्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट में घोटाले के पैसे लगाए गए थे। जब्त रिकॉर्ड से पता चला कि असली खर्च करीब 13-15 करोड़ था, लेकिन दस्तावेजों में केवल 7.14 करोड़ दिखाया गया। इसके अलावा 4.2 करोड़ रुपए कैश में भुगतान किया गया, जो रिकॉर्ड में दर्ज नहीं था।

Chaitanya Baghel : ईडी की जांच में सामने आया कि शराब घोटाले के पैसों को अनवर ढेबर, दीपेंद्र चावड़ा, केके श्रीवास्तव और कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के जरिए चैतन्य बघेल तक पहुंचाया गया। पप्पू बंसल के बयान में भी इस बात का उल्लेख किया गया था।

Chaitanya Baghel : बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने कहा कि ईडी ने बिना समन और बिना बयान लिए गिरफ्तारी की, जबकि चैतन्य बघेल जांच में सहयोग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी राजनीतिक दबाव में की गई है और उनका अपराध सिर्फ इतना है कि वे पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे हैं।

Chaitanya Baghel : छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ईडी ने 3200 करोड़ रुपए से अधिक के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। जांच में पाया गया कि भूपेश बघेल सरकार के समय आबकारी विभाग के अफसर और कारोबारी मिलकर अवैध शराब बिक्री और ओवर बिलिंग के जरिए मुनाफा कमा रहे थे। इसमें नकली होलोग्राम वाली शराब सरकारी दुकानों से बेची गई और कमीशन के नाम पर करोड़ों रुपए की हेराफेरी हुई।

 

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