Chaitanya Baghel : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले में आरोपी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल ने EOW की कार्रवाई को गलत बताते हुए हाईकोर्ट का रुख किया। सोमवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने उनकी याचिका को छूट (लिबर्टी) के साथ खारिज कर दिया और कहा कि अगर राहत चाहिए तो चैतन्य केवल अपने मामले से संबंधित नया आवेदन पेश करें।
Chaitanya Baghel : सुनवाई में वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े, जबकि एन. हरिहरन और हर्षवर्धन परगानिया ने चैतन्य की पैरवी की। यह याचिका EOW की जांच रिपोर्ट की वैधता को चुनौती देने के लिए थी। पहली सुनवाई में राहत नहीं मिलने के बाद अब उनकी कानूनी टीम नई याचिका दाखिल करेगी।
Chaitanya Baghel : चैतन्य बघेल को पहले ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 21 जुलाई को उनके जन्मदिन पर भिलाई निवास से PMLA, 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। शराब घोटाले की जांच में पता चला कि प्रदेश के खजाने को करीब 2,500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और 16.70 करोड़ रुपये की अवैध कमाई चैतन्य बघेल तक पहुंची।
Chaitanya Baghel : ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि चैतन्य ने अपनी रियल एस्टेट कंपनियों का इस्तेमाल करके इस राशि का उपयोग किया और त्रिलोक सिंह ढिल्लों के सहयोग से 5 करोड़ रुपये की आड़ में फ्लैट खरीदे। इसके अलावा, उन पर शराब घोटाले से उत्पन्न 1000 करोड़ रुपये से अधिक के POC का संचालन करने का भी आरोप है।
Chaitanya Baghel : मामले में पहले से कई बड़े आरोपी गिरफ्तार हैं, जिनमें पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, ITS अरुण पति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक कवासी लखमा शामिल हैं। चैतन्य की याचिका पर कोर्ट ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिए कि उन्हें जेल में साफ पानी उपलब्ध कराया जाए। मामले की अगली सुनवाई 26 अगस्त को होगी।











