CG NEWS : फकरे आलम खान/ बचेली – बैलाडीला :बचेली – नक्सल प्रभावित दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले के लगभग 16-17 गांवों के प्रभावित ग्रामीणों ने आज कोत्तागुडेम-किरन्दुल रेलवे लाइन परियोजना के सर्वेक्षण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा, जिसमें पेसा एक्ट और पांचवीं अनुसूची के उल्लंघन का हवाला देते हुए सर्वे कार्य रोकने की अपील की गई।
CG NEWS : 01 – छविंद्र कर्मा, पीसीसी मेम्बर ने कहा कि दंतेवाड़ा जिला अंतर्गत बड़े बचेली, मदाडी, चोलनार, बेनपाल, कुवाकोंडा, कुटरेम, मडकामीरास समेत प्रभावित गांवों में रेलवे लाइन के सर्वे की प्रक्रिया तेजी से चल रही है, लेकिन स्थानीय ग्रामवासियों को शासन-प्रशासन द्वारा कोई जानकारी नहीं दी गई। न तो ग्राम पंचायतों की ग्राम सभाओं से अनुमति ली गई और न ही पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम 1956 (पेसा एक्ट) के तहत पूर्व स्वीकृति प्राप्त की गई।

CG NEWS : 02 – तूलिका कर्मा, जिला पंचायत सदस्य ने चेतावनी देते कहा कि छत्तीसगढ़ पेसा नियम 2022 के प्रावधानों के अनुसार ग्राम सभा ही संसाधनों के उपयोग और नियोजन पर अंतिम निर्णय लेने की अधिकृत है। वर्तमान में परियोजना से संबंधित कोई सूचना ग्राम पंचायत या ग्राम सभा को उपलब्ध नहीं कराई गई, जो विधि-नियमों का प्रत्यक्ष उल्लंघन है। इसका विरोध हम करते रहेंगे ।
CG NEWS : 03 – मंगल कुंजाम, आदिवासी युवा नेता – दंतेवाड़ा पांचवीं अनुसूची क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों (जैसे समता बनाम आंध्र प्रदेश राज्य, एआईआर 1997, सुप्रीम कोर्ट 3297) में ग्राम सभा की सहमति को सर्वोपरि बताया गया है। बिना अनुमति के खनन, औद्योगिक या आधारभूत परियोजना लागू नहीं की जा सकती।
CG NEWS : ज्ञापन सौंपने के अवसर पर प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ कांग्रेस नेता छविंद्र कर्मा, जिला पंचायत सदस्य तूलिका कर्मा, सरपंच मदाडी, सरपंच चोलनार, सरपंच बेनपाल, सरपंच कुवाकोंडा, सरपंच कुटरेम, सरपंच मड़कामीरास, जिला महामंत्री कांग्रेस सलीम रज़ा उस्मानी, महामंत्री संतोष दुबे, पूर्व जनपद सदस्य मुकेश कर्मा, पार्षद मनोज साहा, विजय भोगामी, सुनील गाईन, अजय उइके, पंकज बनिक, राजू भास्कर, आनंद सिंह, अविनाश सरकार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
CG NEWS : गौरतलब है कि यह परियोजना तेलंगाना के कोत्तागुडेम से छत्तीसगढ़ के किरन्दुल तक 160 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाने की है, जो सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित जिलों को रेल नेटवर्क से जोड़ेगी। जून 2025 में लोकेसन सर्वे के अंतिम चरण में पहुंच चुकी इस परियोजना का सर्वे दंतेवाड़ा और बीजापुर में स्थानीय विरोध के कारण बाधित हो चुका है। जून में दंतेवाड़ा में ग्रामीणों ने सर्वे टीम को रोक दिया था, जिसके बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने सहयोग का आश्वासन दिया था। ग्रामीणों ने मांग की है कि वैधानिक बिंदुओं पर विचार करते हुए तत्काल सर्वे कार्य रोका जाए, अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा।













