CG NEWS : बिलासपुर : बिना ठोस सबूत के ससुराल पक्ष को दहेज उत्पीड़न में आरोपी बनाना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पति-पत्नी के विवाद से जुड़े एक मामले में यह टिप्पणी करते हुए दहेज प्रताड़ना की एफआईआर और उससे संबंधित आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया।
CG NEWS : हाईकोर्ट ने कहा कि केवल सामान्य और अस्पष्ट आरोपों के आधार पर पति के परिजनों को आपराधिक मुकदमे में घसीटना गलत है। ऐसे मामलों में कानून का इस्तेमाल दबाव बनाने या बदले के रूप में नहीं किया जा सकता।
CG NEWS : मामले के अनुसार, बिलासपुर निवासी मोहम्मद शाहरुख खान का विवाह 18 जनवरी 2022 को अंबिकापुर की महिला से मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद पति-पत्नी के बीच आपसी विवाद शुरू हो गया। पत्नी का आरोप था कि पति, ससुर, सास और ननद ने दहेज के लिए उसे प्रताड़ित किया और उससे पांच लाख रुपये नकद तथा दस तोला सोने की मांग की गई।
CG NEWS : दिसंबर 2023 में पति द्वारा पत्नी को मायके छोड़ने के बाद महिला ने कलेक्टर कार्यालय और महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर अंबिकापुर के महिला थाने में पति सहित उसके परिजनों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कर लिया गया।
इस एफआईआर को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा गया कि महिला के रिश्तेदार ने अपने बयान में स्वीकार किया था कि पति और उसके परिवार ने जेवरात वापस सौंप दिए थे। यह भी दलील दी गई कि मुस्लिम विवाह अधिनियम के तहत तलाक का नोटिस मिलने के बाद ही दहेज प्रताड़ना की एफआईआर दर्ज कराई गई।
हाईकोर्ट ने पाया कि शिकायत में ससुराल पक्ष के खिलाफ किसी विशेष घटना, तारीख या ठोस भूमिका का उल्लेख नहीं किया गया था। आरोप सामान्य प्रकृति के थे और सीधे तौर पर अपराध की पुष्टि करने वाले साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए।
CG NEWS : चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के भजनलाल बनाम हरियाणा राज्य के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि वैवाहिक विवादों में दूर-दराज के रिश्तेदारों को बिना ठोस आधार के आरोपी बनाना कानून का दुरुपयोग है। इन तथ्यों के आधार पर हाईकोर्ट ने अंबिकापुर के महिला थाने में दर्ज एफआईआर और प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष लंबित आपराधिक कार्यवाही को निरस्त कर दिया।









