CG NEWS : अंतरजातीय विवाह पर बहिष्कार का मामला: हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा – संविधान सर्वोच्च, निजी जीवन में दखल नहीं चलेगा

Sanjay Sahu
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CG NEWS : बिलासपुर। हाईकोर्ट ने नक्सल ऑपरेशन में पदस्थ डीएसपी डॉ. मेखलेंद्र प्रताप सिंह के अंतरजातीय विवाह को लेकर उन्हें सामाजिक रूप से बहिष्कृत करने की कोशिश करने वालों पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि कोई भी समाज भारतीय संविधान से ऊपर नहीं है और किसी की निजी जिंदगी में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

CG NEWS : मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बी. डी. गुरु की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए सतगढ़ तंवर समाज के पदाधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने टिप्पणी की कि अंतरजातीय विवाह न केवल संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त है, बल्कि सामाजिक समानता और समरसता की दिशा में एक जरूरी कदम भी है।

CG NEWS : बताया जा रहा है कि डीएसपी और उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार किए जाने को लेकर जब शिकायत बेलगहना पुलिस चौकी में दर्ज कराई गई, तब कोटा एसडीओपी ने जांच के लिए समाज के पदाधिकारियों को बयान के लिए तलब किया था। इसके खिलाफ समाज की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पुलिस उन्हें परेशान कर रही है। कोर्ट ने इस याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया और समाज के रवैये को असंवैधानिक और अमानवीय बताया।

 

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CG NEWS : सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के निजी जीवन में दखल देने का किसी को अधिकार नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आप संविधान से ऊपर हैं? विवाह करना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है और किसी को भी इस आधार पर सामाजिक रूप से प्रताड़ित नहीं किया जा सकता।

CG NEWS : डीएसपी डॉ. मेखलेंद्र प्रताप सिंह वर्तमान में कांकेर जिले में नक्सल ऑपरेशन में तैनात हैं और बिलासपुर के सकरी स्थित आसमा सिटी में रहते हैं। उन्होंने सरगुजा जिले के बरगवा गांव की एक युवती से प्रेम विवाह किया था, जो अंतरजातीय था। इसी को लेकर समाज के कुछ लोगों ने विरोध जताया और एक बैठक कर डीएसपी तथा उनके परिजनों का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया। इस मामले में कुछ दिन पहले पुलिस ने अपराध भी दर्ज किया था।

CG NEWS : पूरे मामले से जुड़ी सुनवाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मुख्य न्यायाधीश समाज के पदाधिकारियों को फटकार लगाते नजर आ रहे हैं।

 

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