CG NEWS : सरकारी शिक्षिका का बड़ा ‘धोखा’, बीपीएल कार्ड और झूठे शपथ पत्र के दम पर की सरकारी खर्च पर तीर्थ यात्रा…

Sanjay Sahu
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CG NEWS : ​महासमुन्द। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में सेंधमारी किस कदर जारी है, इसका एक सनसनीखेज उदाहरण महासमुन्द जिले में देखने को मिला है। यहाँ एक शासकीय स्कूल में पदस्थ महिला व्याख्याता (Lecturer) ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का लाभ लेने के लिए न केवल अपने पद की जानकारी छुपाई, बल्कि खुद को बीपीएल (गरीब) श्रेणी का बताकर सरकारी खर्च पर तीर्थ यात्रा का आनंद लिया। इस गंभीर धोखाधड़ी की शिकायत अब स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव और कलेक्टर से करते हुए शिक्षिका को बर्खास्त करने और एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।

​CG NEWS : क्या है पूरा मामला? -​छ.ग. नागरिक कल्याण समिति, रायपुर द्वारा की गई शिकायत के अनुसार, श्रीमती किरण पटेल, जो वर्तमान में शासकीय उच्च माध्यमिक शाला बेमचा (महासमुन्द) में ‘व्याख्याता एल बी’ के पद पर कार्यरत हैं, उन्होंने 27 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 के बीच आयोजित प्रयाग-काशी विश्वनाथ तीर्थ यात्रा का लाभ लिया। योजना के नियमों के अनुसार, कोई भी शासकीय सेवक या 60 वर्ष से कम आयु का व्यक्ति (विशेष परिस्थितियों को छोड़कर) इस योजना के लिए पात्र नहीं है।

CG NEWS : ​जालसाजी के गंभीर आरोप :​शिकायत पत्र में शिक्षिका पर निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए गए हैं :

* ​फर्जी बीपीएल कार्ड : किरण पटेल ने स्वयं को बीपीएल श्रेणी की सूची में फर्जी रूप से शामिल करवाया ताकि योजना का अनुचित लाभ मिल सके।
* ​झूठा शपथ पत्र : तीर्थ यात्रा के आवेदन के साथ संलग्न घोषणा पत्र के बिंदु क्रमांक 5 में उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा कि वे “वर्तमान में शासकीय सेवक नहीं हैं” और अपने हस्ताक्षर से इसे सत्यापित भी किया।
* ​परिजनों को भी लाभ : शिक्षिका ने न केवल स्वयं, बल्कि अपने पति पवन पटेल, मौसी गौरी बाई पटेल और अन्य रिश्तेदारों को भी अपात्र होने के बावजूद योजना का लाभ दिलवाया।

​”छल और धोखाधड़ी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग” :​नागरिक कल्याण समिति ने इसे छ.ग. सिविल सेवा आचरण नियम का खुला उल्लंघन और शासन के साथ किया गया विश्वासघात बताया है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि:

1. ​शिक्षिका को तत्काल निलंबित किया जाए।
2. ​विभागीय जांच के बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाए।
3. ​शासन के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में महासमुन्द थाने में FIR दर्ज की जाए।

CG NEWS : ​साक्ष्यों ने खोली पोल :​शिकायत के साथ सूचना के अधिकार (RTI) से प्राप्त आवेदन पत्र और घोषणा पत्र की छायाप्रतियां भी संलग्न की गई हैं, जो शिक्षिका के दावों की पोल खोलती हैं। सूची में उनके और उनके परिवार के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज हैं, जो यह दर्शाते हैं कि पद का दुरुपयोग कर किस तरह पात्र गरीबों का हक मारा गया है। ​अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस ‘हाई-प्रोफाइल’ जालसाजी पर क्या सख्त कदम उठाता है या फिर यह मामला फाइलों में ही दबा रह जाता है।

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