C.G Weather : युवाओं के लिए सुनहरा मौका! छत्तीसगढ़ के सरकारी महाविद्यालयों में 700 पदों पर भर्ती की तैयारी

Rahul Goshwami
Chhattisgarh Job Rules

रायपुर: छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में विभिन्न शैक्षणिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग द्वारा कुल 700 पदों पर नियुक्ति की जाएगी, जिसमें सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल और क्रीड़ा अधिकारी के पद शामिल हैं।

सहायक प्राध्यापक के सबसे अधिक पद

उच्च शिक्षा विभाग की जानकारी के अनुसार भर्ती प्रक्रिया के तहत सहायक प्राध्यापक के कुल 625 पद भरे जाएंगे। इन पदों में हिन्दी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, भौतिक शास्त्र, गणित, रसायन शास्त्र, वनस्पति शास्त्र और प्राणीशास्त्र के लिए 50-50 पद निर्धारित किए गए हैं।इसके अलावा अर्थशास्त्र, इतिहास और भूगोल के लिए 25-25 पद रखे गए हैं। वहीं वाणिज्य के 75, कम्प्यूटर एप्लीकेशन के 15 और विधि विषय के 10 पदों पर भी भर्ती की जाएगी।

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ग्रंथपाल और क्रीड़ा अधिकारी के पद भी शामिल

शिक्षण पदों के साथ-साथ सहायक सेवाओं को भी मजबूत करने के लिए विभाग ने ग्रंथपाल और क्रीड़ा अधिकारी के पदों पर भर्ती का निर्णय लिया है। इसके तहत 50 ग्रंथपाल और 25 क्रीड़ा अधिकारी के पदों को भी इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया गया है।

CGPSC को भेजा गया प्रस्ताव

भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने सभी आवश्यक विवरण तैयार कर लिए हैं। इसमें आरक्षण रोस्टर, विषयवार रिक्तियां, पात्रता, भर्ती नियम और परीक्षा का पाठ्यक्रम शामिल है। विभाग ने यह पूरी जानकारी 24 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) को भेज दी है। अब आयोग प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन जारी करेगा।

कॉलेजों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था

राज्य के महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए विभाग ने पहले से ही अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति की व्यवस्था कर रखी है। यह व्यवस्था सहायक प्राध्यापक, प्राध्यापक, ग्रंथपाल और क्रीड़ा अधिकारी के पदों के लिए भी लागू है।

योग्य अतिथि शिक्षक दे रहे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार अधिकांश अतिथि शिक्षक पीएचडी धारक हैं और नेट तथा सेट जैसी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षाओं में सफल हैं। ये शिक्षक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुरूप आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को भी लागू कर रहे हैं।

सरकार का मानना है कि नई भर्ती से राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था और मजबूत होगी तथा विद्यार्थियों को बेहतर उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

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