रायपुर। CG High Court : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राजधानी के एक एनजीओ द्वारा दायर की गई जनहित याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें एक नामी सीमेंट कंपनी पर फर्जी ई-वे बिल के जरिए करोड़ों के जीएसटी घोटाले का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की गई थी।
CG High Court : मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि इस मामले में पहले से ही जांच प्रक्रिया जारी है, ऐसे में कोर्ट के स्तर पर जनहित याचिका में हस्तक्षेप का कोई औचित्य नहीं बनता।
यह याचिका ‘हेल्प एंड सर्व फाउंडेशन’ नामक संस्था ने दायर की थी, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर काम करती है। याचिका में आरोप था कि सीमेंट कंपनी और उसके एजेंटों ने फर्जी दस्तावेजों और ई-वे बिलों के जरिए बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की है और संबंधित अधिकारी जानबूझकर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
संस्था ने मांग की थी कि इस मामले की ईडी या आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) जैसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। लेकिन अदालत ने इसे ठुकराते हुए कहा कि वर्तमान में जब जांच जारी है, तो कोर्ट से इस स्तर पर दखल की जरूरत नहीं है।











