CG Digital Arrest : रायपुर। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर अपराधियों ने छत्तीसगढ़ में पिछले छह महीनों में 15 लोगों से करीब 9 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी की है। अब इन मामलों की जांच सीबीआई को सौंपी जाने की तैयारी की जा रही है। रायपुर में ही छह लोगों से करीब चार करोड़ रुपये की ठगी हुई, जबकि बिलासपुर, भिलाई और राजनांदगांव में भी कई लोग इस गिरोह के शिकार बने हैं।
CG Digital Arrest : अब तक पुलिस ने अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े 25 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी गुजरात, उत्तर प्रदेश, झारखंड, आंध्र प्रदेश, दिल्ली और छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से हैं। तकनीकी जांच और बैंक ट्रांजेक्शन के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा और अब तक लगभग 2.30 करोड़ रुपये की राशि पीड़ितों को वापस दिलाई है।
CG Digital Arrest : साइबर ठग खुद को दिल्ली पुलिस, सीबीआई या अन्य जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और उनसे लाखों-करोड़ों रुपये वसूलते हैं। हाईकोर्ट ने अब तक सभी आरोपियों के जमानत आवेदन खारिज कर दिए हैं।
CG Digital Arrest : रायपुर में 63 वर्षीय महिला को 20 दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर 2.83 करोड़ रुपये की ठगी की गई। सेजबहार में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रोफेसर संतोष कुमार से 88 लाख रुपये ठगे गए। बिलासपुर में एसईसीएल के 72 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्मचारी से तीन महीने में 1.09 करोड़ रुपये वसूले गए। जांजगीर-चांपा में सेवानिवृत्त लिपिक से 32 लाख रुपये की ठगी हुई। कोडागांव और सरगुजा में भी इसी तरह के मामलों में कुल 1.3 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।
CG Digital Arrest : डिजिटल गिरफ्तारी घोटाले में अपराधी खुद को प्रवर्तन अधिकारी, सीबीआई एजेंट, आयकर अधिकारी या कस्टम एजेंट बताकर पीड़ितों से फोन पर संपर्क करते हैं। वे उन्हें व्हाट्सऐप या स्काइप पर वीडियो कॉल करने को कहते हैं और कर चोरी या कानूनी उल्लंघन का आरोप लगाकर डिजिटल गिरफ्तारी वारंट की धमकी देते हैं। कुछ मामलों में वीडियो कॉल के दौरान पुलिस स्टेशन जैसा नकली सेटअप भी दिखाया जाता है ताकि पीड़ित को कॉल वास्तविक लगे। इसके बाद मामला सुलझाने के नाम पर रकम की मांग की जाती है।
CG Digital Arrest : बचाव के लिए जरूरी उपाय:
- तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
- साइबर ठगी से जुड़े सभी सबूत सुरक्षित रखें।
- घटना के एक से तीन घंटे के भीतर शिकायत दर्ज करें, इससे पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ती है।
- यदि 1930 पर कॉल न लगे तो साइबर क्राइम वेबसाइट पर रिपोर्ट करें।
- अनजाने लिंक या ऐप डाउनलोड न करें।
- ठगी संबंधी कॉल आने पर घबराएं नहीं, नंबर ब्लॉक करें या कॉल काट दें।
रायपुर में पुलिस ने विभिन्न साइबर गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई की है।
| गैंग का प्रकार | संख्या |
|---|---|
| डिजिटल अरेस्ट गैंग | 18 |
| कंबोडिया गैंग | 06 |
| चाइना व हांगकांग गैंग | 27 |
| म्यूल अकाउंट गैंग | 168 |
| पीओएस गैंग | 19 |
| शेयर ट्रेडिंग गैंग | 95 |
| मेट्रोमोनियल गैंग | 16 |
| नाइजीरियन गैंग | 03 |
| कुल | 352 |
CG Digital Arrest : डिजिटल अरेस्ट से जुड़े मामलों में लगातार कार्रवाई जारी है। ठग अलग-अलग राज्यों में बैठकर संगठित गिरोह चला रहे हैं। पुलिस विभिन्न माध्यमों से इन तक पहुंच बना रही है। आम लोगों को भी सावधान और जागरूक रहने की जरूरत है ताकि वे ऐसे साइबर अपराधों से बच सकें।
- मनोज नायक, निरीक्षक, साइबर रेंज प्रभारी, रायपुर











