CG Dharma Swatantrya Bill 2026 : छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के खिलाफ ‘शंखनाद’: विधानसभा में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026 पारित; उम्रकैद और 25 लाख तक जुर्माने का प्रावधान

VIKASH KHALKHO
Deputy CM Vijay Sharma Statement

CG Dharma Swatantrya Bill 2026 : रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश में अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026’ को विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित करा लिया है। 6 अध्यायों और 31 बिंदुओं वाले इस कड़े कानून के माध्यम से अब प्रलोभन, दबाव या कपटपूर्ण तरीके से धर्म परिवर्तन कराना नामुमकिन होगा। विधेयक पर चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि विपक्ष वोट बैंक की राजनीति के कारण चर्चा से पलायन कर गया।

नक्सलवाद से भी बड़ी समस्या है ‘धर्मांतरण’: विजय शर्मा

विधेयक पर बोलते हुए गृहमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर और सरगुजा की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा:

  • वर्ग संघर्ष: धर्मांतरण ने बस्तर में ‘वर्ग संघर्ष’ की स्थिति पैदा कर दी है, जो माओवाद से भी बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।

  • कांग्रेस की अनदेखी: तत्कालीन कांग्रेस सरकार को बस्तर कमिश्नर और सुकमा एसपी ने पत्र लिखकर आगाह किया था, लेकिन वोट बैंक के चक्कर में कोई कार्रवाई नहीं की गई।

  • सांस्कृतिक रक्षा: यह कानून छत्तीसगढ़ की आदिम संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘पैतृक धर्म’ में वापसी को धर्मांतरण की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा।

विधेयक-2026 के मुख्य प्रावधान और सख्त सजा

इस नए कानून में अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए देश के सबसे कड़े दंड तय किए गए हैं:

अपराध की श्रेणी जेल की सजा कम से कम जुर्माना
सामान्य अवैध धर्मांतरण 07 से 10 साल ₹5 लाख
नाबालिग, महिला, SC/ST/OBC का धर्मांतरण 10 से 20 साल ₹10 लाख
सामूहिक धर्मांतरण (Mass Conversion) 10 साल से आजीवन कारावास ₹25 लाख

प्रक्रिया और प्रतिबंधों का जाल

  1. स्वेच्छा से परिवर्तन: यदि कोई व्यक्ति अपनी मर्जी से धर्म बदलना चाहता है, तो उसे जिला मजिस्ट्रेट को पूर्व सूचना देनी होगी। 30 दिनों तक सार्वजनिक आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया जाएगा।

  2. विवाह और धर्मांतरण: यदि दूसरे धर्म में विवाह होता है, तो संपन्न कराने वाले व्यक्ति (पादरी, मौलवी आदि) को 8 दिन पहले घोषणापत्र देना होगा। यदि उद्देश्य केवल धर्मांतरण पाया गया, तो विवाह अवैध घोषित हो सकता है।

  3. विशेष न्यायालय: इन मामलों की सुनवाई विशेष न्यायालयों में होगी और यह अपराध गैर-जमानती (Non-Bailable) होंगे।

  4. धार्मिक अनुष्ठान पर रोक: यदि नियम विरुद्ध धर्मांतरण हुआ है, तो संबंधित व्यक्ति कोई भी धार्मिक अनुष्ठान नहीं कर पाएगा।

ऐतिहासिक दिन पर पारित हुआ बिल

गृहमंत्री ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष के पावन अवसर पर इस विधेयक का पारित होना पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि 1968 के पुराने कानून में अब समय के अनुसार जरूरी स्पष्टीकरण और विस्तार किया गया है ताकि समाज को सुरक्षित रखा जा सके।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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