CG Dhan Kharidi 2026: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू होने से पहले राज्य सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। संयुक्त खाते वाली जमीन के किसानों को एग्रीस्टैक पंजीयन को लेकर आ रही परेशानी को देखते हुए सह-खातेदारों के अनिवार्य पंजीयन की बाध्यता खत्म कर दी गई है। अब एक ही जमीन पर कई लोगों का नाम होने की स्थिति में परिवार के सिर्फ लंबरदार या मुख्य खातेदार का एग्रीस्टैक में पंजीयन जरूरी होगा।सरकार के इस फैसले से ऐसे हजारों किसान परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें पहले एक ही जमीन के सभी सह-खातेदारों का अलग-अलग पंजीयन कराने के लिए परेशानी उठानी पड़ती थी।
धान खरीदी के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन की प्रक्रिया में संयुक्त खातों को लेकर किसानों के सामने बड़ी समस्या आ रही थी। एक ही जमीन पर अगर कई लोगों के नाम दर्ज थे तो पुराने नियम के अनुसार सभी सह-खातेदारों का अलग-अलग पंजीयन कराना जरूरी था।इस प्रक्रिया के चलते किसानों को दस्तावेज जुटाने और पंजीयन कराने के लिए बार-बार संबंधित केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। खासकर संयुक्त परिवारों और एक ही जमीन के कई हिस्सेदारों के लिए यह प्रक्रिया काफी परेशानी वाली साबित हो रही थी।
अब सिर्फ लंबरदार का पंजीयन होगा मान्य
सरकार के नए निर्देश के बाद संयुक्त खातेदारों वाले परिवारों के लिए प्रक्रिया आसान हो गई है। अब ऐसे परिवार में सिर्फ लंबरदार या मुख्य खातेदार का एग्रीस्टैक पंजीयन मान्य होगा।यानी एक ही संयुक्त खाते में जमीन के कई हिस्सेदार होने पर हर व्यक्ति को अलग-अलग पंजीयन कराने की जरूरत नहीं होगी। मुख्य खातेदार के पंजीयन के आधार पर धान खरीदी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
किसानों को क्या होगा फायदा?
नए नियम का सबसे बड़ा फायदा उन किसान परिवारों को मिलेगा, जिनकी जमीन संयुक्त खाते में दर्ज है। उन्हें अलग-अलग सह-खातेदारों का पंजीयन कराने की परेशानी से राहत मिलेगी।
इससे किसानों का समय बचेगा और पंजीयन की प्रक्रिया भी पहले के मुकाबले आसान होगी।
किसानों के लिए नए नियम की अहम बातें
- संयुक्त खाते में सभी सह-खातेदारों का अलग-अलग पंजीयन जरूरी नहीं।
- परिवार के लंबरदार या मुख्य खातेदार का एग्रीस्टैक पंजीयन मान्य होगा।
- इसी पंजीयन के आधार पर धान खरीदी की प्रक्रिया की जाएगी।
- संयुक्त खातेदार किसान परिवारों को बार-बार पंजीयन केंद्र जाने की जरूरत कम होगी।
- नए नियम से पंजीयन प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है।
15 नवंबर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी
छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होने जा रही है। खरीदी सीजन को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। खाद्य विभाग और सहकारिता विभाग खरीदी केंद्रों की व्यवस्था और अन्य जरूरी तैयारियों में जुटे हुए हैं।धान खरीदी शुरू होने से पहले किसानों के पंजीयन से जुड़ी प्रक्रिया को आसान बनाने का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से धान खरीदी को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश और अन्य नियम जारी किए जा सकते हैं।
संयुक्त खाते वाले किसानों को सबसे ज्यादा राहत
सरकार के नए फैसले से सबसे बड़ी राहत उन परिवारों को मिलेगी, जिनकी कृषि भूमि संयुक्त खाते में दर्ज है। पहले जहां प्रत्येक सह-खातेदार के पंजीयन की बाध्यता थी, वहीं अब मुख्य खातेदार के पंजीयन से ही प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।धान खरीदी का सीजन नजदीक होने के कारण किसानों के लिए यह बदलाव अहम है। हालांकि किसानों को धान बेचने से पहले अपने पंजीयन और जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की स्थिति जरूर जांच लेनी चाहिए, ताकि खरीदी के समय किसी तरह की परेशानी न हो।






