सीजी मंत्रिमंडल विस्तार : रायपुर। छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा तेज है और तीन नए नामों पर विशेष ध्यान है – गुरु खुशवंत सिंह, राजेश अग्रवाल और गजेंद्र यादव। राज्य की राजनीति में इस विस्तार को लेकर रणनीतिक समीकरण भी स्पष्ट नजर आ रहे हैं।
सीजी मंत्रिमंडल विस्तार : गुरु खुशवंत सिंह: आरंग सीट से विधायक और सतनामी समाज के प्रमुख गुरु, खुशवंत सिंह का नाम मंत्री बनने के लिए सामने है। सतनामी समाज के प्रमुख तीर्थस्थलों की गद्दियों के उत्तराधिकारी होने के कारण उनके पास समाज में विशेष प्रभाव है। साल 2013 में सतनाम सेना पार्टी के उम्मीदवारों ने वोटों का समीकरण बिगाड़ा था, जिससे भाजपा को फायदा हुआ। इसके बाद 2023 में भाजपा में शामिल हुए गुरु खुशवंत सिंह को आरंग से उम्मीदवार बनाकर भारी जीत मिली। भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि उन्हें मंत्री बनाकर अनुसूचित जाति वर्ग में पार्टी की पकड़ मजबूत होगी और गुरु बालदास की नाराजगी को टाला जा सकेगा।
सीजी मंत्रिमंडल विस्तार
राजेश अग्रवाल: अंबिकापुर से विधायक राजेश अग्रवाल का नाम भी मंत्रिमंडल में संभावित सदस्य के रूप में जोर पकड़ रहा है। उन्होंने पूर्व उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव को चुनाव में पराजित किया था और इस जीत ने उनकी दावेदारी को मजबूत किया। बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने के बाद वैश्य समाज का प्रतिनिधित्व नहीं था, ऐसे में राजेश अग्रवाल को मंत्री बनाने का राजनीतिक समीकरण भी उपयुक्त माना जा रहा है।
गजेंद्र यादव: दुर्ग शहर से विधायक गजेंद्र यादव का मंत्री बनने लगभग तय माना जा रहा है। आरएसएस बैकग्राउंड और यादव समाज में उनके प्रभाव को देखते हुए उनके नाम की पैरवी की गई है। यादव समाज में साहू समाज के बाद सर्वाधिक जनसंख्या है और मंत्रिमंडल में समाज का प्रतिनिधित्व देना राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।
इस प्रकार तीनों विधायकों की दावेदारी सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को भी संतुलित करती है। मंत्रिमंडल विस्तार में इनके शामिल होने से समाजिक प्रतिनिधित्व और राजनीतिक संतुलन दोनों ही बनाए रखने का प्रयास दिखाई दे रहा है।











