नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026 पेश करते हुए वित्त वर्ष 2027 के लिए पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने का ऐलान किया। सरकार का मानना है कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से आर्थिक वृद्धि को स्थायी गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
लगातार नौवां बजट, ऐतिहासिक उपलब्धि
यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है। निर्मला सीतारमण का यह लगातार नौवां केंद्रीय बजट है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। देश की पहली महिला वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने निरंतर बजट पेश कर इतिहास रचा है। इसके साथ ही, कई वर्षों बाद रविवार के दिन बजट पेश होना भी भारतीय संसदीय इतिहास की एक खास घटना मानी जा रही है।
सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की औपचारिक शुरुआत
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 (ISM 2.0) लॉन्च करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाना और वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में देश की भूमिका को मजबूत करना है। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और डिजिटल इंडस्ट्री को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
बायो-फार्मा और दवाओं को राहत
सरकार ने बायो-फार्मा सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए ₹10,000 करोड़ का प्रावधान किया है। इसके साथ ही शुगर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं को सस्ता करने की घोषणा भी की गई, जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा।
टेक्सटाइल और औद्योगिक विकास
बजट 2026 में टेक्सटाइल सेक्टर के लिए एक इंटीग्रेटेड प्रोग्राम और बड़े टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की घोषणा की गई है। इसके अलावा तीन नए केमिकल पार्क और चार राज्यों में खनिज कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
रेल, जलमार्ग और शहरी विकास
देश में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिससे शहरों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। अगले कुछ वर्षों में 20 नए जलमार्ग तैयार करने की योजना है। शहरी आर्थिक क्षेत्रों के विकास पर हर साल ₹5,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
MSME और स्वरोजगार पर फोकस
छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए ₹10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही महात्मा गांधी स्वरोजगार योजना का ऐलान कर ग्रामीण और शहरी युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया है।











