British Royal Navy : तिरुवनंतपुरम। – ब्रिटिश रॉयल नेवी का सबसे उन्नत फाइटर जेट F-35B, लगभग पांच सप्ताह बाद भारत से अपने देश के लिए रवाना हो गया है। इस विमान ने आज, मंगलवार 22 जुलाई को केरल के तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी, जिसके साथ ही भारत में उसकी अप्रत्याशित ‘ठहरने’ की अवधि समाप्त हो गई।
क्यों रुका था भारत में? यह अत्याधुनिक विमान 14 जून को ब्रिटेन से ऑस्ट्रेलिया की ओर जा रहा था, तभी इसके हाइड्रोलिक सिस्टम में गंभीर खराबी आ गई। इसके अतिरिक्त, पायलट को कम ईंधन और प्रतिकूल मौसम का भी सामना करना पड़ा। इन विषम परिस्थितियों के कारण, तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट को सबसे उपयुक्त मानते हुए, पायलट ने वहीं इमरजेंसी लैंडिंग का निर्णय लिया। भारतीय वायुसेना ने इस आपातकालीन लैंडिंग में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की, जिससे पायलट और विमान दोनों सुरक्षित रहे।
5 हफ्ते में कैसे हुई मरम्मत? विमान की मरम्मत के लिए 06 जुलाई से एक विशेष यूके इंजीनियरिंग टीम तिरुवनंतपुरम में तैनात थी। इस टीम ने गहनता से मरम्मत कार्य किया और सभी आवश्यक सुरक्षा जाँचों को पूरा किया। इन प्रयासों के बाद, विमान को फिर से उड़ान संचालन के लिए पूरी तरह से फिट घोषित कर दिया गया। अब यह जेट सक्रिय सेवा में वापस लौट गया है।
ब्रिटेन ने भारत को दिया धन्यवाद इस घटनाक्रम पर ब्रिटिश उच्चायोग ने एक आधिकारिक बयान जारी किया। बयान में कहा गया, “यूके का F-35B विमान, जो 14 जून को आपातकालीन मार्ग परिवर्तन के कारण भारत में उतरा था, आज रवाना हो गया है। हम भारतीय अधिकारियों और एयरपोर्ट टीमों के सहयोग और समर्थन के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। यह घटना हमारी रक्षा साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।”
क्यों खास है F-35B? F-35B दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू विमानों में से एक है। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 110 मिलियन अमेरिकी डॉलर (900 करोड़ रुपये से अधिक) है। यह मल्टी-रोल एयरक्राफ्ट न केवल अपनी वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग क्षमता के लिए जाना जाता है, बल्कि इसमें उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, एयर-टू-एयर और एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल सिस्टम भी शामिल हैं। इसकी अधिकतम रफ्तार लगभग 2,000 किलोमीटर प्रति घंटा है, जो इसे अत्यंत घातक और बहुमुखी बनाता है। इस सफल ‘घरवापसी’ ने दोनों देशों के बीच मजबूत रक्षा संबंधों को एक बार फिर रेखांकित किया है।











