भोपाल : राजधानी भोपाल में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के पहले चरण की समय-सीमा पूरी हो चुकी है। इस चरण में मतदाता सूची के गहन सत्यापन का कार्य किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में मतदाताओं की स्थिति स्पष्ट हुई है। SIR प्रभारी भुवन गुप्ता ने गुरुवार को इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की।
पहले चरण में 79% मतदाताओं की मैपिंग पूरी
भुवन गुप्ता के अनुसार, भोपाल जिले में कुल 21 लाख 25 हजार मतदाताओं में से लगभग 79 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। यह प्रक्रिया वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान के आधार पर की गई। हालांकि, बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता भी सामने आए हैं जिनका कोई भी रिकॉर्ड पुराने डाटा से मेल नहीं खा सका।
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4.38 लाख मतदाता सूची से बाहर
SIR के पहले चरण में करीब 4 लाख 38 हजार मतदाताओं को प्रारंभिक रूप से वर्तमान मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाने का निर्णय लिया गया है। इनमें से 1 लाख 16 हजार मतदाताओं का वर्ष 2003 की मतदाता सूची से कोई लिंक नहीं मिला, जिसके चलते उन्हें ‘नो मैपिंग’ श्रेणी में रखा गया है।
23 जनवरी से शुरू होगी सुनवाई प्रक्रिया
इन ‘नो मैपिंग’ मतदाताओं को 23 जनवरी से नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद वार्ड स्तर पर इनकी व्यक्तिगत सुनवाई की जाएगी। दावे और आपत्तियों की यह प्रक्रिया 23 जनवरी से 16 फरवरी तक चलेगी।
मृत मतदाताओं के नाम होंगे हटाए
जांच के दौरान करीब 35 हजार मृत मतदाताओं की पहचान हुई है, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। प्रशासन के अनुसार, हर वार्ड में प्रतिदिन 50 मतदाताओं की सुनवाई की जाएगी।
वार्ड स्तर पर होगी पारदर्शी सुनवाई
सुनवाई के लिए प्रत्येक वार्ड में सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ARO) तैनात रहेंगे, जो नोटिस प्राप्त मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच कर अंतिम निर्णय लेंगे। प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और नियमानुसार पूरी की जाएगी।











