भोपाल: राजधानी भोपाल में हालिया घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर जहां आईपीएस अधिकारी राजा बाबू सिंह ने अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है, वहीं दूसरी ओर गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) की डीन ने फायरिंग की घटना के बाद अस्पताल में सुरक्षा कड़ी करने की अपील की है।
IPS अधिकारी ने जताई जान को खतरे की आशंका
मध्य प्रदेश पुलिस प्रशिक्षण के एडीजी (ADG) राजा बाबू सिंह ने पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखकर अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि मंगलवार सुबह एक अज्ञात चार पहिया वाहन उनके बंगले के बाहर पहुंचा, जहां मौजूद लोगों ने गाली-गलौज और अमर्यादित व्यवहार किया।इस घटना के बाद अधिकारी ने आशंका जताई है कि उनकी जान को खतरा हो सकता है।
नवाचारों के चलते निशाने पर होने का दावा
IPS अधिकारी का कहना है कि पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था में किए गए नवाचारों के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उनके आवास की सुरक्षा व्यवस्था तत्काल मजबूत की जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
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GMC में फायरिंग के बाद बढ़ी चिंता
दूसरी ओर, भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड के बाहर हाल ही में हुई फायरिंग ने स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।इस घटना के बाद GMC की डीन डॉ. कविता एन सिंह ने पुलिस से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
इमरजेंसी गेट पर हथियारबंद जवानों की मांग
डीन ने विशेष रूप से इमरजेंसी गेट पर हथियारबंद पुलिसकर्मियों की तैनाती की मांग की है। उनका कहना है कि इमरजेंसी वार्ड के बाहर पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है।
लगातार घटनाओं से बढ़ा डर का माहौल
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के चलते शहर में भय और असुरक्षा का माहौल बनता नजर आ रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासन को संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
प्रशासन के सामने चुनौती
अब देखना होगा कि प्रशासन इन दोनों मामलों को कितनी गंभीरता से लेकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाता है।शहर के प्रमुख संस्थानों और अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।











