भोपाल : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ओला, उबर और रैपिडो से जुड़े ऑनलाइन टैक्सी चालकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। टैक्सी चालकों ने करीब दो घंटे की प्रतीकात्मक हड़ताल कर सेवाएं प्रभावित कर दीं, जिससे शहर में यात्रा करने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
न्यूनतम किराया तय करने की प्रमुख मांग
प्रदर्शन कर रहे चालकों का कहना है कि वर्तमान में ऐप-आधारित कंपनियों द्वारा तय किराया बेहद कम है, जिससे उनकी आय पर गंभीर असर पड़ रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से न्यूनतम किराया निर्धारित करने की अधिसूचना जारी करने की मांग की है, ताकि चालक आर्थिक रूप से सुरक्षित रह सकें और उन्हें उचित पारिश्रमिक मिल सके।
बाइक टैक्सी और नॉन-कमर्शियल वाहनों पर भी सवाल
चालकों ने यह भी मांग उठाई कि बाइक टैक्सी सेवाओं पर स्पष्ट नीति बनाई जाए तथा नॉन-कमर्शियल वाहनों के माध्यम से सवारी ढोने पर रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि इससे लाइसेंसधारी टैक्सी चालकों की आय प्रभावित हो रही है और परिवहन नियमों का उल्लंघन भी हो रहा है।
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भोपाल टैक्सी चालक संघ के बैनर तले प्रदर्शन
यह विरोध प्रदर्शन भोपाल टैक्सी चालक संघ के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में चालक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
यात्रियों को हुई परेशानी, समाधान की उम्मीद
हड़ताल के दौरान ऑनलाइन कैब सेवाओं की उपलब्धता कम रही, जिससे कई यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा। हालांकि चालकों का कहना है कि उनका उद्देश्य आम जनता को परेशान करना नहीं, बल्कि अपनी जीविका और अधिकारों की रक्षा करना है।राजधानी में उठी यह आवाज अब राज्य स्तर पर कैब सेवा नीति को लेकर नई बहस को जन्म दे सकती है।











