Bemetara Project Unnati : बेमेतरा: कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगई और जिला पंचायत सीईओ श्रीमती प्रेमलता पद्माकर के मार्गदर्शन में जिले के बेरला विकासखंड के 25 मनरेगा श्रमिकों के लिए आयोजित ‘राजमिस्त्री प्रशिक्षण’ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। 06 दिसंबर से 04 जनवरी तक चले इस विशेष प्रशिक्षण का उद्देश्य श्रमिकों को मजदूरी से ऊपर उठाकर उन्हें एक कुशल कारीगर के रूप में स्थापित करना है।
60 दिन काम करने वाले श्रमिकों का हुआ चयन
प्रोजेक्ट ‘उन्नति’ के तहत उन परिवारों का चयन किया गया जिन्होंने पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत कम से कम 60 दिन का कार्य पूर्ण किया था। बेरला जनपद सीईओ और कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कश्यप द्वारा काउंसलिंग के माध्यम से इन 25 उत्साही श्रमिकों को चुना गया।
सिर्फ निर्माण ही नहीं, ‘बिजनेस’ के गुर भी सीखे
30 दिवसीय इस आवासीय प्रशिक्षण में श्रमिकों को केवल ईंट-जुड़ाई का काम ही नहीं सिखाया गया, बल्कि उन्हें एक सफल उद्यमी बनाने के लिए निम्नलिखित विषयों की जानकारी भी दी गई:
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बैंकिंग और ऋण प्रक्रिया: स्वरोजगार के लिए बैंक से मदद कैसे लें।
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समय प्रबंधन और बिजनेस प्लान: काम को पेशेवर तरीके से कैसे करें।
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उद्यमिता विकास: अपना खुद का काम कैसे शुरू करें।
प्रधानमंत्री आवास योजना में निभाएंगे अहम भूमिका
समापन अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) के निदेशक श्री कृष्णा चौधरी और अन्य बैंक अधिकारियों ने हितग्राहियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। संस्थान के संकाय सहायक श्री प्रतीक साहेब ने बताया कि ये प्रशिक्षित राजमिस्त्री प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकानों के निर्माण में तेजी लाएंगे, जिससे ‘सबके लिए आवास’ का सपना जल्द पूरा होगा।
मूल्यांकन और भविष्य की राह
प्रशिक्षण के अंत में बैंगलोर की नेशनल एकेडमी ऑफ रूडसेटी द्वारा मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की गई। सफल प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विजय, श्यामा चरण और ओमप्रकाश जैसे प्रतिभागियों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब वे मजदूरी के बजाय ठेकेदारी और मिस्त्री का काम कर बेहतर आय अर्जित कर सकेंगे।











