Barwani News : बड़वानी। आस्था, संकल्प और साधना का अद्भुत उदाहरण पेश करते हुए मां नर्मदा की 3300 किलोमीटर की पवित्र परिक्रमा पूर्ण कर परिक्रमा महायात्री अश्विन ‘पप्पू दादा’ पुरोहित और रामदास जोशी के बड़वानी लौटने पर नगर में हर्ष और गौरव का माहौल छा गया। नगर सीमा में प्रवेश करते ही मोटी माता मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भर उठा, जहां समिति सदस्यों, समाजजनों और परिजनों ने ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और “हर-हर नर्मदे” के गगनभेदी जयघोषों के बीच उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
Barwani News : मोटी माता मंदिर से निकली पदयात्रा श्रद्धा और भावनाओं से ओत-प्रोत एक आध्यात्मिक शोभायात्रा का रूप लेती गई। भक्तों की सहभागिता और भक्ति-उमंग के साथ यह यात्रा मां कालिका मंदिर पहुंची, जहां दर्शन-अर्चन के दौरान माहौल भावुक और आलौकिक अनुभूति से भर उठा। तीन माह की तपस्या, कठिन रास्तों और अनगिनत परीक्षाओं से गुजरकर पूर्ण हुई यह 3300 किमी की पदयात्रा नगरवासियों के लिए प्रेरणा का सशक्त प्रतीक बन गई।
Barwani News : इस पावन अवसर पर उनका वर्षों पुराना संकल्प भी पूर्ण हुआ। लगभग 2–3 वर्ष पूर्व उन्होंने अपने चरण-पादुका त्यागते हुए प्रण लिया था कि नर्मदा परिक्रमा पूर्ण होने से पूर्व वे पादुका धारण नहीं करेंगे। आज मां कालिका के दरबार में मत्था टेककर जब उन्होंने पुनः पादुका धारण की, तो पूरा परिसर भक्ति, भावनाओं और आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा। यह क्षण साधना, संकल्प और श्रद्धा के अद्वितीय मिलन का साक्षी बना।
Barwani News : मां कालिका मित्र मंडल ने उन्हें संत-स्वरूप तपस्वी बताते हुए कहा कि ऐसे महायात्री समाज की आध्यात्मिक धरोहर हैं। उनकी साधना त्याग, अनुशासन और अटूट विश्वास का मार्ग प्रदर्शित करती है। मंडल एवं नगरवासियों ने हर्षोल्लास के साथ उनका अभिनंदन करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घ आयु और आध्यात्मिक उत्कर्ष की मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।











