बैकुंठपुर/कोरिया (07 फरवरी 2026): मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को लेकर बैकुंठपुर प्रशासन इन दिनों सड़कों पर है, लेकिन यह अभियान सौंदर्यीकरण कम और पक्षपात का अखाड़ा ज्यादा नजर आ रहा है। प्रशासन द्वारा शहर के रसूखदारों के पक्के अतिक्रमणों को छोड़कर केवल छोटे ठेले-खोमचे वालों को निशाना बनाने पर सरगुजा कल्याण ट्रस्ट समिति ने तीखी आपत्ति दर्ज कराई है।
सरगुजा कल्याण ट्रस्ट ने दी चेतावनी
सरगुजा कल्याण ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष ने प्रशासन की इस कार्यप्रणाली को ‘मुंह देखा-देखी’ वाली कार्रवाई करार दिया है। उन्होंने कहा:
“प्रशासन शहर को साफ दिखाने के नाम पर गरीबों के पेट पर लात मार रहा है। सरकार गरीबों को व्यापार करने से रोक रही है, जबकि बड़े और स्थायी अवैध कब्जों की ओर अधिकारियों की नजर तक नहीं जाती। अगर कार्रवाई करनी है तो रसूखदारों के महलों से शुरू करें, न कि गरीबों के ठेलों से।”
बिना नोटिस कार्रवाई से फूटा गुस्सा
स्थानीय दुकानदारों का आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें अपना सामान हटाने तक का पर्याप्त समय या कानूनी नोटिस नहीं दिया। वीआईपी दौरे की चकाचौंध पैदा करने के लिए रातों-रात गरीबों की रोजी-रोटी छीनी जा रही है। वहीं, शहर के मुख्य मार्गों पर बड़े प्रभावशाली लोगों के अवैध निर्माणों को प्रशासन ने ‘सुरक्षा कवच’ दे रखा है।
सवालों के घेरे में अधिकारी: जिम्मेदारी से बच रहे सीएमओ
इस पूरे विवाद पर जब मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) संजय दुबे से सवाल पूछे गए, तो वे कैमरे और सवालों से बचते नजर आए। उन्होंने किसी भी तरह की जवाबदेही लेने के बजाय गेंद एसडीएम (SDM) के पाले में डाल दी। उन्होंने केवल इतना कहा कि वे एसडीएम के आदेशों का पालन कर रहे हैं। अधिकारी की यह चुप्पी प्रशासन की निष्पक्षता पर और गहरे सवाल खड़े कर रही है।














