AM/NS India Plant : बचेली/दंतेवाड़ा: बस्तर की खनिज संपदा और जल-जंगल-ज़मीन की रक्षा को लेकर एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। युवा एकता मंच के संस्थापक और मुख्य संयोजक सुजीत कर्मा ने जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी कांग्रेस) पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे ‘आदिवासी विरोधी’ करार दिया है। सुजीत कर्मा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि जोगी कांग्रेस बाहरी उद्योगपतियों के लिए बस्तर का रास्ता खोलकर यहाँ के मासूम आदिवासियों को लूटना चाहती है।
सुजीत कर्मा का यह गुस्सा हाल ही में एएम/एनएस (AM/NS) इंडिया के पैलेट प्लांट को लेकर हुई जनसुनवाई के बाद फूटा है। कर्मा के अनुसार, जनसुनवाई के मंच से जोगी कांग्रेस के दंतेवाड़ा जिलाध्यक्ष रैमोन मड़कमी और सुकमा के नेताओं द्वारा प्लांट को बस्तर में ही खोलने का निवेदन करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो पार्टी पहले इसी कंपनी को विनाश का कारण बताती थी, वह अब अचानक कंपनी के समर्थन में उतर आई है, जो उनकी दोहरी मानसिकता और ‘खनिज संपदा के सौदेबाजी’ की राजनीति को दर्शाता है।
विज्ञप्ति में सुजीत कर्मा ने स्थानीय ठेकेदारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग निजी स्वार्थ और मोटे कमीशन के लिए बस्तर के पहाड़ों, नदियों और जंगलों को दांव पर लगाने को तैयार हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “प्लांट के लिए ज़मीन जाएगी तो वह आदिवासियों की होगी, जंगल कटेंगे तो पर्यावरण का नुकसान होगा, लेकिन कुछ दलाल मानसिकता वाले लोग कंपनी की पैरवी कर रहे हैं।” कर्मा ने आगे कहा कि जोगी कांग्रेस का दंतेवाड़ा में कोई अस्तित्व नहीं बचा है और पार्टी के नेता जगदलपुर में बैठकर स्थानीय लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
सुजीत कर्मा ने जोगी कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में यदि पार्टी ने बस्तर की ज़मीन का सौदा करने की कोशिश की, तो इसका अंजाम बुरा होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मंचों पर इस ‘दलाली’ का हिसाब लिया जाएगा और बस्तर की प्रकृति और परंपरा को नष्ट करने के किसी भी प्रयास का पुरजोर विरोध किया जाएगा। इस तीखे बयान के बाद क्षेत्र में जोगी कांग्रेस और युवा एकता मंच के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ने की संभावना है।











