All India Kshatriya Mahasabha Bhopal : भोपाल : राजधानी भोपाल में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों ने मीडिया से चर्चा करते हुए देश की वर्तमान सामाजिक और शैक्षिक नीतियों पर कड़ा रुख अपनाया। महासभा ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में लागू कई कानून और व्यवस्थाएं समाज में समानता लाने के बजाय असंतोष पैदा कर रही हैं।
आरक्षण का आधार हो ‘आर्थिक’
महासभा के पदाधिकारियों ने आरक्षण व्यवस्था पर अपनी स्पष्ट राय रखते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब आरक्षण को जातिगत बेड़ियों से मुक्त किया जाए।
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मांग: आरक्षण को जाति के बजाय गरीबी (आर्थिक आधार) पर लागू किया जाना चाहिए।
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तर्क: महासभा का मानना है कि इससे हर वर्ग के वास्तविक जरूरतमंद लोगों को लाभ मिल सकेगा और समाज में न्यायसंगत वितरण होगा।
एट्रोसिटी एक्ट के दुरुपयोग पर चिंता
एसटी-एससी वर्ग के लिए लागू एट्रोसिटी एक्ट (SC/ST Act) को लेकर भी महासभा ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
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खत्म करने की मांग: महासभा ने इस कानून को समाप्त करने की वकालत की है।
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प्रभाव: पदाधिकारियों ने कहा कि इस कानून का लगातार दुरुपयोग बढ़ रहा है, जिसके कारण आपसी भाईचारा खत्म हो रहा है और समाज में तनाव की स्थिति निर्मित हो रही है।
यूजीसी के नए नियमों का विरोध
शिक्षा के क्षेत्र में भी महासभा ने हस्तक्षेप करते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा लागू किए गए नए नियमों को निरस्त करने की मांग की।
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छात्रों की समस्या: महासभा के अनुसार, इन नियमों से छात्रों और शिक्षण संस्थानों को गंभीर व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और सुगमता प्रभावित हो रही है।











