बिना सर्जरी खत्म होगा कैंसर ट्यूमर! जानिए कैसे काम करती है हिस्टोट्रिप्सी… लिवर कैंसर मरीजों के लिए बन सकती है गेमचेंजर

Rahul Goshwami

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क  कैंसर के इलाज में अब एक नई और आधुनिक तकनीक तेजी से चर्चा में है, जिसे हिस्टोट्रिप्सी (Histotripsy) कहा जाता है। इस तकनीक की खास बात यह है कि इसमें बिना सर्जरी के ही ट्यूमर को खत्म किया जा सकता है। इसमें हाई-इंटेंसिटी अल्ट्रासाउंड वेव्स का उपयोग किया जाता है।

कैसे काम करती है यह तकनीक

हिस्टोट्रिप्सी में विशेष मशीन के जरिए तेज साउंड वेव्स सीधे ट्यूमर पर फोकस की जाती हैं। इन वेव्स के प्रभाव से ट्यूमर के अंदर छोटे-छोटे गैस बुलबुले बनते हैं, जो धीरे-धीरे ट्यूमर को तोड़ देते हैं।
ट्यूमर लिक्विड जैसी स्थिति में बदल जाता है, जिसे शरीर आसानी से बाहर निकाल देता है।

FDA से मिल चुकी है मंजूरी

साल 2023 में अमेरिका के U.S. Food and Drug Administration (FDA) ने इस तकनीक को लिवर ट्यूमर के इलाज के लिए मंजूरी दी थी। इसके बाद से अमेरिका सहित कई देशों में इसका इस्तेमाल शुरू हो चुका है।

किन मरीजों के लिए है उपयोगी

यह तकनीक खासतौर पर उन मरीजों के लिए प्रभावी मानी जा रही है जिनका ट्यूमर 4 सेंटीमीटर से छोटा है।
हालांकि, अभी इसका उपयोग मुख्य रूप से लिवर कैंसर तक ही सीमित है।

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क्या हैं इसके फायदे

  • बिना सर्जरी और बिना चीर-फाड़ इलाज
  • कम दर्द और कम साइड इफेक्ट
  • आसपास के टिशू को कम नुकसान
  • रिकवरी का समय कम

क्या हर मरीज के लिए है सही?

विशेषज्ञों के अनुसार, हिस्टोट्रिप्सी अभी शुरुआती चरण में है और हर कैंसर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं है। इस पर लगातार रिसर्च चल रही है।
डॉक्टरों का मानना है कि फिलहाल सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी ही मुख्य उपचार हैं।

भविष्य की उम्मीद

हालांकि अभी यह तकनीक सीमित स्तर पर उपयोग में है, लेकिन आने वाले समय में यह कैंसर इलाज में बड़ी क्रांति ला सकती है। खासकर उन मरीजों के लिए, जिनके लिए सर्जरी संभव नहीं है, यह एक बेहतर विकल्प बन सकती है।

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